बेहद प्रसिद्ध है बिहार के इस जिले का पेड़ा, दूर-दराज से लोग चखने आते हैं स्वाद, रोजाना इतना है खपत...

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 28 Nov 2024 10:20 AM

विज्ञापन

Bihar News: बिहार में कई स्वादिष्ट आइटम खाने को मिल जाएंगे. लेकिन, औरंगाबाद के कुछ स्वादिष्ट व्यंजनों की बात ही अलग है. ओबरा का महाराज साव का पेड़ा अपने स्वाद के लिए प्रदेश भर में एक अलग पहचान बनाया हुआ है.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार में कई स्वादिष्ट आइटम खाने को मिल जाएंगे. लेकिन, औरंगाबाद के कुछ स्वादिष्ट व्यंजनों की बात ही अलग है. जिसके लिए ग्राहक मुंह मांगा कीमत देने को तैयार रहते हैं. चाहे फिर देव का चपचपवा चाट हो या अंबा का झरूआ लड्डू, मदनपुर का गुड़ पीआव सभी अपने लजीज स्वाद के लिए जाने जाते हैं.

लेकिन, जिले के ओबरा का महाराज साव का पेड़ा अपने स्वाद के लिए प्रदेश भर में एक अलग पहचान बनाया हुआ है. पिछले 42 वर्षों से महाराज साव का पेड़ा पूरे राज्य में फेमस है. यह पेड़ा की दुकान एनएच 139 से सटा हुआ है. इस दुकान पर रोजाना सैकड़ों लोगों की भीड़ पेड़ा खरीदने के लिए इकट्ठा होती है. दुकान मालिक के मुताबिक, यहां रोज़ाना लगभग 1 क्विंटल से अधिक पेड़े की बिक्री होती है.

1982 में इस दुकान की हुई थी शुरुआत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1982 में महाराज साव ने पेड़ा बनाना शुरू किया. देखते ही देखते पेड़े के स्वाद ने सैकड़ों लोगों को दुकान की ओर खींचा. बता दें कि महाराज साव की मृत्यु के बाद इस दुकान का संचालन उनके बच्चों के हाथों में आया. इनके पेड़े की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली है. जिसकी वजह से ओबरा में महाराज साव के नाम पर दर्जनों पेड़े की दुकानें खुली हुई है.

Also Read: सऊदी भेजने के नाम पर तीन लोगों से 15 लाख की ठगी, जानिए साइबर ठगों ने कैसे लगाया चुना

पेड़े को बनाने में रोजाना इतने क्विंटल दूध की खपत

मिली जानकारी के अनुसार, गाय के दूध से पेड़ा तैयार किया जाता है. जिसमें चीनी की मात्रा कम होती है. साथ ही इसमें इलायची पाउडर का भी इस्तेमाल किया जाता है. जिससे इसके स्वाद में बढ़ोतरी होती है. इस पेड़े को बनाने में 5 क्विंटल दूध की रोजाना खपत होती है. इसी दूध से रोज पेड़ा तैयार किया जाता है. दूध स्थानीय लोकल ग्वालों से लिया जाता है.

पेड़े की कीमत 400 रुपये प्रति किलोग्राम

इस पेड़े की दुकान पर दूर-दराज की गाड़िया आकर रूकती हैं और लोग पेड़ा खरीद कर ले जाते हैं. बता दें कि रोजाना 80 से 100 किलो पेड़े की बिक्री आसानी से हो जाती है. वहीं पर्व त्योहार में 2 क्विंटल तक की बिक्री होती है. महाराज साव का यह पेड़ा 400 रूपए प्रति किलो बिकता है.

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन