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10 को भिखारी ठाकुर व 11 जुलाई को मातृ-पितृ वंदन महोत्सव

Updated at : 26 Jun 2025 6:07 PM (IST)
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10 को भिखारी ठाकुर व 11 जुलाई को मातृ-पितृ वंदन महोत्सव

उक्त दोनों महोत्सव को कैलेंडर में शामिल करने एवं आयोजन के लिए 25-25 लाख रुपये आवंटित करने की मांग की गयी है.

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औरंगाबाद नगर. 10 जुलाई को लोकगायक भिखारी ठाकुर व 11 जुलाई को मातृ-पितृ वंदन महोत्सव होगा. उक्त दोनों महोत्सव को कैलेंडर में शामिल करने एवं आयोजन के लिए 25-25 लाख रुपये आवंटित करने की मांग की गयी है. यह मांग जनेश्वर विकास केंद्र की देव प्रखंड इकाई व बासमती सेवा केंद्र चैनपुर की हुई संयुक्त बैठक में की गयी है. बैठक बासमती-जनेश्वर पुस्तकालय चैनपुर के परिसर में अध्यक्ष उमेश चंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई. जनेश्वर विकास केंद्र के केंद्रीय सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि माता-पिता को भगवान का दूसरा रुप माना जाता है. उसी रूप में उन्हें मान-सम्मान दिया जाता है. वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है. संतान रहते माता -पिता को बृद्धा आश्रम में रहने को बाध्य होना पड़ रहा है. इसलिए माता-पिता को पूर्ववत मान-सम्मान दिलाने के लिए 11 जुलाई को चैनपुर में मातृ-पितृ वंदन महोत्सव का आयोजन किया गया है. उसी तरह लोकगायन को मान-सम्मान दिलाने के लिए 10 जुलाई को लोकगायक भिखारी ठाकुर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. उक्त दो दिवसीय महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भारतीय सभ्यता और संस्कृति व लोकगायन को जिंदा रखना है. इसके तहत शोभा यात्रा, संगोष्ठी, बौद्धिक व सांस्कृतिक प्रतियोगिता और रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इसमें स्थानीय कलाकारों और छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर मंच उपलब्ध कराया जायेगा. रंगारंग कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी कला कौशल के संयोजक आदित्य श्रीवास्तव, कलाकार सनोज सागर व प्रवीण सिंह को दी गयी. अन्य प्रस्ताव के जरिये उक्त दोनों महोत्सव को कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के कैलेंडर में शामिल करने और उक्त दोनों महोत्सव के आयोजन के लिए 25 -25 लाख रुपये आवंटित करने की मांग कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से की गयी. बैठक में उपस्थित जनेश्वर विकास केंद्र के अध्यक्ष रामजी सिंह ने कहा कि वर्तमान में जिले में 22 महोत्सव आयोजित किये जा रहे हैं. सभी महोत्सव का उद्देश्य जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को हाइलाइट करना, भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को बचाना व स्थानीय कलाकारों को महत्व देना है. महोत्सव से जिलेवासियों को जोड़ने के लिए 29 जून की सुबह औरंगाबाद में व दोपहर में देव में बैठक होगी. मौके पर पुस्तकालयाध्यक्ष पारस नाथ सिंह, जन विकास परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, उपाध्यक्ष पुरंजय कुमार सिंह, सचिव दिलीप कुमार सिंह, सिंह सचिव संतोष कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, बिनोद कुमार सिंह, रामजनम सिंह, भरत सिंह कविता विद्यार्थी, रामबदन सिंह, राजू कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, सुनील कुमार सिंह आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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