चाचा ने होम थिएटर की आवाज तेज की और कर दी तीन बच्चों की हत्या, जानिये औरंगाबाद में दिल दहलाने वाली वारदात की पूरी कहानी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 27 Mar 2026 8:45 PM
रोते- बिलखते परिजन
Bihar Crime: बिहार के औरंगाबाद में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. हसपुरा के खुटहन गांव में एक सनकी युवक ने महज 8000 रुपये के विवाद में अपने सगे भाई के तीन मासूम बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी ने खुदकुशी की कोशिश भी की.
Bihar Crime: औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र के खुटहन गांव में शुक्रवार की सुबह मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना हुई. यहां एक अमन पाल नामक सनकी युवक ने अपने ही सगे भाई गुड्डू पाल के तीन मासूम बच्चों- दो भतीजे और एक भतीजी की धारदार हथियार (दबिया) से गला रेतकर हत्या कर दी.
हत्या के बाद आरोपी ने उसी हथियार से अपनी भी गर्दन काटकर आत्महत्या का प्रयास किया. गंभीर हालत में उसे अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज गया में भर्ती कराया गया. मृत बच्चों में गुड्डू पाल के 10 वर्षीय पुत्र अनीश कुमार, सात वर्षीय पुत्र आयुष कुमार और पांच वर्षीया पुत्री अनुष्का कुमारी शामिल है.
घर में था कलह का माहौल
जानकारी के मुताबिक, आरोपित अमन पाल का सगे भाई गुडडू पाल के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था. इसी कारण घर में कलह का माहौल था. शुक्रवार की सुबह 10 बजे के करीब अमन गुड्डू के घर गया और होम थिएटर की आवाज तेज कर तीन बच्चों की दबिया से गला रेतकर हत्या कर दी.
बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन व गांव वाले मौके पर पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था. ग्रामीणों ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर खून से लथपथ तीन बच्चों के साथ-साथ आरोपित भी पड़ा था. पता चला है कि बच्चों की चीखें बाहर न सुनाई दें, इसके लिए उसने होम थिएटर की आवाज तेज कर दी और कमरे के अंदर तीनों मासूमों पर हमला कर दिया.
इस संबंध में बच्चों की मां अनिता देवी के बयान पर पुलिस ने अमन पाल और बच्चों की दादी पर प्राथमिकी दर्ज की है. छानबीन के दौरान बच्चों की दादी सोनमती कुंवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
क्या बोले पुलिस अधिकारी
दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने कहा कि तीन मासूम बच्चों की दबिया से गला काटकर हत्या की गयी है. आरोपित ने भी आत्महत्या का प्रयास किया है, जिसका इलाज चल रहा है. मृत बच्चों की मां अनिता देवी के बयान पर कांड संख्या 102/26 दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है.
पल भर में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. जिस घर में सुबह तक बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब केवल सन्नाटा और मां की चीखें सुनाई दे रही हैं. पुलिस ने आरोपी को बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया जी में भर्ती कराया है और मामले की बारीकी से जांच कर रही है.
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8000 रुपये और बच्चों की दादी की भूमिका बनी काल
पुलिस की प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों के अनुसार, इस खौफनाक कदम के पीछे पैसों के लेन-देन और लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है. इसी कलह के कारण आरोपित ने अपने सगे भतीजे-भतीजी को मौत के घाट उतार दिया.
बड़ा भाई गुड्डू पाल मुंबई के रेलवे कैंटीन में काम करता है और छोटा भाई अमन पाल आंध्र प्रदेश में वेल्डिंग का काम करता था. होली के समय गुड्डू घर आया था, तभी अमन ने उसके खाते में 8000 रुपये भेजे थे. गुड्डू ने पैसे अपनी मां सोनमती कुंवर को दे दिये, जिन्होंने उसे बकायेदारों को चुका दिया.
इसी बात को लेकर घर में अक्सर तू-तू मैं-मैं होती थी. दो दिन पहले गुड्डू मुंबई चला गया, जिसके बाद अमन घर लौटा. मां ने जब उसे बताया कि बड़े भाई ने उसके साथ मारपीट की है, तो अमन का खून खौल उठा और उसने भाई के वंश को समाप्त करने की ठान ली.
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