दाउदनगर. किसानों के डिजिटल पहचान के लिए इ-केवाइसी व फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शुरू हुआ. प्रखंड कृषि कार्यालय परिसर में दाउदनगर प्रखंड के सभी पंचायतों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाये गये. सीओ शैलेंद्र कुमार यादव भी पहुंचे. इस विशेष अभियान के तहत आइडी बनवाने के लिए पहले दिन किसानों की तो अच्छी-खासी भीड़ देखी गयी, लेकिन तकनीकी कारणों से मात्र 65 किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो पाया. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री आइडी आवश्यक है. जिसे लेकर सरकार द्वारा छह जनवरी से नौ जनवरी तक प्रखंड कृषि कार्यालय में विशेष अभियान चलाकर किसानों का फॉर्म रजिस्ट्री आइडी बनाया जा रहा है. इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं स्वयं के नाम का ऑनलाइन जमाबंदी सहित भूमि से संबंधित दस्तावेज की आवश्यकता है. पहले दिन काफी संख्या में किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए प्रखंड कृषि कार्यालय पहुंचे. किसानों की काफी भीड़ देखी गयी, लेकिन बीच-बीच में सर्वर डाउन होने की समस्या के कारण किसानों को परेशानी भी झेलनी पड़ी. बार-बार सर्वर डाउन हो जा रहा था. इसके कारण कार्य प्रभावित हो रहा था. विभागीय सूत्रों से पता चला कि सर्वर डाउन होने संबंधित शिकायत विभागीय स्तर पर भी की गयी, लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था और समस्या किसानों को झेलनी पड़ रही थी. लोगों का कहना था कि सरकार द्वारा चार दिनों का विशेष अभियान लगाया गया है तो सर्वर डाउन होने जैसी समस्या को देखते हुए इसकी तिथि बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि सभी किसानों को इसका लाभ मिल सकें. ज्ञात हो कि दाउदनगर प्रखंड में रजिस्टर्ड किसानों की संख्या 6762 है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रक्षेत्र सह नोडल पदाधिकारी सत्यम आनंद ने बताया कि किसान कार्ड एक प्रकार से आधार कार्ड की तरह होगा, जिससे केसीसी, प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना, फसल क्षति एवं भारत सरकार एवं बिहार सरकार की अनेकों महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ किसानों को प्राप्त हो सकेगा. मौके पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार, सभी राजस्व कर्मचारी कृषि समन्वयक किसान सलाहकार, बीटीएम, एटीएम एकाउंटेंट श्रीकांत कुमार सिंह आदि उपस्थित थे.
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