औरंगाबाद नगर. भूमि विवाद का मामला सरकार के लिए एक चुनौतियों का पहाड़ बन गया है. हर दिन भूमि विवाद को लेकर किसी न किसी इलाके में मारपीट हो रही है. पहले कई लोगों की जान भी चली गयी है. थाने से लेकर कचहरी तक भूमि विवाद के मामले भरे पड़े है. यहां तक कि विभिन्न थानों में एसपी द्वारा लगाये जा रहे जनता दरबार में भी अधिकांश मामले भूमि विवाद से ही संबंधित पहुंच रहे है. जनता दरबार के पीछे उद्देश्य है कि विवादों को पाटते हुए निबटारा कराना. बहुत से मामलों का स्पॉट निबटारा भी हो रहा है. यानी पुलिस निष्पक्षता की भूमिका अदा कर रही है. ठीक दूसरे तरफ पुलिस प्रशासन के कुछ पदाधिकारी सरकार के नीतियों को ध्वस्त करने में लगे हुए है. ओबरा प्रखंड के खुदवां थाना क्षेत्र के मरवतपुर गांव का एक मामला चर्चा में है. खुदवां थानाध्यक्ष और ओबरा सीओ के धमकी भरे शब्द ऑडियो के रूप में और गांव पहुंचकर घर खाली कराने का मामला वीडियो के रूप में वायरल हो रहा है. हालांकि, प्रभात खबर वायरल ऑडियो व वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
क्या है मामला
मरवतपुर गांव के रामराज चौधरी के पुत्र राजू चौधरी ने डीएम व एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. आवेदन में कहा है कि उसके पिता दो भाई थे, जिसमें उनके बड़े भाई रामऔतार चौधरी स्वर्गवास कर गये. उनके पिता अपने बड़े भाई के दो पुत्रों एवं दो पुत्री तथा पत्नी सरस्वती देवी के विरुद्ध तीन जनवरी 2024 को सब जज प्रथम औरंगाबाद के न्यायालय में 1/2024 के रूप में बंटवारा दाखिल किया, जो अब तक लंबित है. 27 दिसंबर को खुदवां थानाध्यक्ष के बुलाने पर उनके भाई रामजी चौधरी बंटवारा केस का कागज लेकर वहां पहुंचे. थानाध्यक्ष ने उन्हें घर खाली कराने की धमकी दी. दो जनवरी को दोपहर तीन बजे ओबरा सीओ और थानाध्यक्ष दल बल के साथ उसके घर के आंगन में घुस गये. सीओ और थानेदार ने उसे और उसकी भाभी को मकान खाली करने की धमकी दी.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
खुदवां थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि उनपर लगा आरोप बेबुनियाद है. अंचल अधिकारी के निर्देश पर ही वहां गये थे. मामला भूमि विवाद से संबंधित है.क्या कहते हैं सीओ
ओबरा सीओ हरिहरनाथ पाठक ने कहा कि धमकी देने की बात गलत है. शनिवार को जनता दरबार में उक्त जमीन विवाद से संबंधित मामला पहुंचा था. थानेदार के साथ वे स्थल का जायजा लेने पहुंचे थे. विवादित पक्ष से पेपर दिखाने की बात कही गयी थी, लेकिन अब तक पेपर नहीं दिखाया. मामले की जांच की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

