Aurangabad News : औरंगाबाद पराक्रमों की धरती : मंत्री

Updated at : 04 May 2025 8:55 PM (IST)
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Aurangabad News : औरंगाबाद पराक्रमों की धरती : मंत्री

Aurangabad News :राणा-भामा सम्मेलन को लेकर औरंगाबाद पहुंचे मंत्री नीरज कुमार बब्लू, कार्यक्रम में शामिल होने का किया आह्वान

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औरंगाबाद ग्रामीण. औरंगाबाद की धरती पराक्रमों की धरती है. इस धरती को दूसरी चितौड़गढ़ के नाम से जाना जाता है. औरंगाबाद की धरती अनुग्रह बाबू, सत्येंद्र बाबू, रघुवंश बाबू व लूटन बाबू की धरती है. यहां के लोगों में अभी भी शूरवीरों का खून दौड़ता है. ये बातें शहर के बंधन रिसोर्ट में आयोजित राणा-भामा सम्मेलन के जनसंपर्क यात्रा के दौरान बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री नीरज कुमार सिंह बब्लू ने कही. ज्ञात हो कि पटना में महाराणा प्रताप की जयंती पर होने वाले राणा-भामा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए मंत्री नीरज कुमार बब्लू जनसंपर्क यात्रा पर औरंगाबाद पहुंचे थे. उन्होंने उपस्थित तमाम लोगों को सम्मेलन में शामिल होने का आह्वान किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी मयंक कुमार सिंह ने की व संचालन शिक्षक अमिताभ सिंह ने किया. गायक अनिल कुमार यादव ने स्वागत गान से सभी का स्वागत किया. कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह सहित अन्य लोगों को अंगवस्त्र व मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के पूर्व मंत्री नीरज सिंह ने महाराणा प्रताप चौक स्थित महाराणा प्रताप व भामाशाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके बाद बायपास स्थित वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे. नौ अप्रैल को पटना के बापू सभागार में महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर राणा-भामा सम्मेलन का आयोजन होगा. इसको लेकर वे पूरे बिहार में घूम-घूमकर लोगों को पटना पहुंचने के लिए आमंत्रित कर रहे है.

सम्मेलन के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया जायेगा

जनसंपर्क यात्रा की शुरूआत आरा की धरती से हुई. वैसे पहले महाराणा प्रताप की जयंती मनायी जानी थी, लेकिन जब वे आरा पहुंचे तो लोगों का उत्साह देखकर राणा-भामा सम्मेलन कराने का निर्णय लिया. सम्मेलन को लेकर लोगों का समर्थन भी मिला. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया जायेगा. विपक्षी समाज को तोड़ने के लिए षड्यंत्र रचने में लगे है. ऐसे लोग देश को तोड़ने वाले होते है. विपक्ष के लोग सनातन की एकता को एक प्लेटफार्म पर देखना नही चाहते है. उनका जनाधार खिसक रहा है इसलिए वे लोग तोड़ने में लगे है. जातीय उन्माद फैलाकर लोगों को आपस में लड़ा रहे है. सभी को एक-दूसरे के प्रति यह कर्तव्य बनता है कि इस साजिश को रोका जाये.

महापुरुषों के इतिहास को नयी पीढ़ी को जानने की जरूरत

भाजपा का उद्देश्य है कि जितने भी महापुरुष है सभी को सम्मान दिया जाये. पूर्वजों व महापुरुषों के इतिहास को नयी पीढ़ी को जानने की जरूरत है. मंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप इतने वीर थे कि उनका नाम शूरवीरों में लिखा जाता है. हर समाज के लोगों से उनका गहरा लगाव था. वे हर समाज को संरक्षण देकर एक साथ सहेजने का काम किया. महाराणा प्रताप के साथ एक झाला सरदार हुआ करता था. झाला ने उनके साथ लड़ाई भी लड़ी थी. युद्ध के दौरान महाराणा प्रताप की सेना कम पड़ते देखा तो उसने खुद षड्यंत्र रचा और महाराणा प्रताप का मुकुट छीनकर खुद पहन लिया और दुश्मन के सामने चला गया. दुश्मनों ने झाला को महाराणा प्रताप समझकर हत्या कर दी और महाराणा प्रताप की जान बच गयी. इसके बाद उनका झाला से बहुत गहरा संबंध हो गया. इंसानों के साथ-साथ वे जानवरों से भी गहरा प्रेम करते थे. वे अपने घोड़ा चेतक से बात करते थे और चेतक भी उनकी बातों को समझता था. जब अकबर की सेना उनकी हत्या करने आयी तो चेतक ने अपनी जान की परवाह किये बिना नाला को फांदकर महाराणा प्रताप की जान बचायी. हालांकि, इस दौरान चेतक की मौत हो गयी थी. उन्होंने यह भी कहा कि मान सिंह भी क्षत्रिय था, लेकिन वह अकबर के साथ मिलकर युद्ध किया. इसीलिए वह क्षत्रिय समाज का दुश्मन था. औरंगाबाद में पहली ऐसी प्रतिमा है जहां महाराणा प्रताप के साथ भामाशाह की भी प्रतिमा है.

विदेशी भी हल्दी घाटी की मिट्टी का चंदन लगाकर महाराणा को करते हैं याद : पूर्व सांसद

पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि नौ अप्रैल को पटना में बापू सभागार में महाराणा प्रताप की जयंती पर राणा-भामा सम्मेलन का आयोजन किया गया है. इस सम्मेलन में औरंगाबाद से भारी संख्या में लोग पटना पहुंचेंगे. महाराणा प्रताप किसी एक के नहीं थे, वे सबके थे. वे इस देश के धरोहर थे. इस देश की आन-बान शान थे. उन्होंने युद्ध में मुगलों से लोहा लिया था. वे अपने लिए नहीं, किसी जाति के लिए नही, बल्कि अपनी मातृभूमि व स्वाभिमान के लिए जिया था. कार्यक्रम के दौरान भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोपाल शरण सिंह, मुखिया अजेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, जिला महामंत्री सतीश कुमार सिंह, नगर पर्षद अध्यक्ष उदय गुप्ता, सीमा गुप्ता, अश्विनी सिंह, गुड्डू सिंह, अनिल कुमार सिंह, विकास सिंह, नरेंद्र कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह, निशांत शेखर, अजित कुमार, भामाशाह संस्थान के अध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता, पंकज कुमार सिंह, गुड्डू सिंह, अनिता सिंह, शिवम सिंह, दीपक सिंह,मितेंद्र सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे.

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