औरंगाबाद में शैक्षणिक परिभ्रमण राशि को लेकर प्रधानाध्यापकों का प्रदर्शन आज, डीईओ कार्यालय घेरने की चेतावनी

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जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की तस्वीर

Aurangabad Educational Excursion Fund: औरंगाबाद में शैक्षणिक परिभ्रमण की राशि नहीं मिलने पर प्रधानाध्यापक आज डीईओ कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे. लंबित भुगतान और जांच की मांग उठाई गई है.

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Aurangabad Educational Excursion Fund : औरंगाबाद जिले के सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों में शैक्षणिक परिभ्रमण मद की राशि का भुगतान नहीं होने से भारी आक्रोश है. दर्जनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शुक्रवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे और जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला योजना पदाधिकारी का घेराव करेंगे.

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क्या है पूरा मामला

प्रधानाध्यापकों का आरोप है कि विभागीय निर्देश पर उन्होंने अपनी जेब से हजारों रुपये खर्च कर विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया . इससे शिक्षकों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है.

मार्च में जमा कर दिए थे सभी वाउचर

शिक्षक नेता सह प्रधानाध्यापक जयंत कुमार सिंह ने बताया कि विभाग के निर्देशानुसार मार्च माह में सभी विद्यालयों ने शैक्षणिक परिभ्रमण से संबंधित वाउचर और आवश्यक दस्तावेज जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कर दिए थे . उस समय अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही सभी विद्यालयों को राशि का भुगतान कर दिया जाएगा. इसके भरोसे प्रधानाध्यापकों ने अपने स्तर से खर्च कर बच्चों को विभिन्न शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण कराया.

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कई महीनों बाद भी नहीं हुआ भुगतान

उन्होंने कहा कि अब कई महीने बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया है . इससे शिक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रधानाध्यापकों का कहना है कि प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने औसतन करीब 20 हजार रुपये अपनी जेब से खर्च किए. बच्चों के परिवहन, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं का पूरा खर्च पहले स्वयं वहन किया गया. विभाग ने भरोसा दिलाया था कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होते ही राशि वापस कर दी जाएगी, लेकिन अब तक कोई भुगतान नहीं हुआ.

डेढ़ करोड़ रुपये के गबन का लगाया आरोप

प्रधानाध्यापकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है. शिक्षक नेताओं का आरोप है कि जिले के सभी विद्यालयों की संख्या के आधार पर यह मामला करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बनता है. उनका कहना है कि तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार के कार्यकाल में भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और अब उनका तबादला भी हो चुका है . ऐसे में शिक्षकों को आशंका है कि कहीं यह राशि गबन की भेंट तो नहीं चढ़ गई .

आज प्रदर्शन और घेराव की चेतावनी

प्रधानाध्यापकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की है. प्रधानाध्यापकों ने स्पष्ट कहा है कि यदि भुगतान नहीं हुआ तो जिला शिक्षा कार्यालय का घेराव किया जाएगा. उनका कहना है कि लंबे समय से सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा . शिक्षक नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अधिकारियों ने उनकी मांगों की अनदेखी की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा . उन्होंने यह भी कहा कि “जब तक शैक्षणिक परिभ्रमण की पूरी राशि का भुगतान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा . यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो संबंधित अधिकारियों की विदाई आसान नहीं होगी.

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