छह महीने से मानदेय नहीं मिलने पर सेविका-सहायिकाओं में नाराजगी, बैठक कर उठाई समस्याएं

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बैठक के बाद सेविका-सहायिका

Aurangabad News : बिहार में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को छह महीने से मानदेय नहीं मिला है. पोषाहार और अन्य मदों की राशि लंबित होने से आर्थिक संकट गहरा गया है. सरकार से मांग की गई.

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Aurangabad News : मौलाबाग स्थित सूर्य मंदिर परिसर के समीप शनिवार को सेविका-सहायिका संघ की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष सह जिला सचिव इंदु देवी ने की. इसमें आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की. संघ की ओर से बिहार सरकार और संबंधित विभाग के अधिकारियों से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की गई.

छह महीने से मानदेय नहीं मिलने की शिकायत

बैठक में सेविकाओं ने कहा कि पिछले छह महीने से उन्हें सरकार की ओर से मानदेय नहीं मिला है. इससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है. सेविकाओं ने कहा कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं, लेकिन समय पर मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

पोषाहार और अन्य मदों की राशि भी लंबित

सेविकाओं ने पोषाहार व्यवस्था में सुधार की भी मांग की. उनका कहना था कि जून महीने का पोषाहार जुलाई में उपलब्ध कराया गया, जबकि जुलाई महीने का पोषाहार अब तक नहीं मिला है. समय पर पोषाहार उपलब्ध नहीं होने से लाभुक बच्चों और महिलाओं के बीच इसके वितरण में परेशानी होती है. इसके अलावा अंडा और गैस की राशि भी पिछले दो महीने से लंबित है. सेविकाओं ने बताया कि गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम की राशि करीब एक वर्ष से नहीं मिली है.

ग्रामीणों पर कार्य में बाधा डालने का आरोप

महावर पंचायत की सेविका मानती कुमारी ने बैठक में अपनी समस्या रखते हुए बताया कि कुछ ग्रामीणों की ओर से उन्हें सही तरीके से कार्य नहीं करने दिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों का एक समूह आंगनबाड़ी केंद्र की चाबी मांगने के लिए दबाव बनाता है और विरोध करने पर शिकायत करने की धमकी दी जाती है. उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ वरीय पदाधिकारी के समक्ष शिकायत भी की गई है.

निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

बैठक में मौजूद सेविका-सहायिकाओं ने वरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सेविकाओं को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की. सेविकाओं ने कहा कि फील्ड में कई बार ऐसी स्थिति सामने आती है, जब बच्चों का जन्म किसी अन्य स्थान पर होता है, लेकिन सेविकाओं पर गलत तरीके से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का दबाव बनाया जाता है. उन्होंने ऐसी प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग की.

लंबित राशि के भुगतान की मांग

सेविकाओं ने सरकार से लंबित मानदेय और अन्य मदों की राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की. साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की भी अपील की. सेविकाओं ने कहा कि समय पर मानदेय और आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से वे आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं को और बेहतर तरीके से संचालित कर सकेंगी.

बड़ी संख्या में सेविका-सहायिका रहीं मौजूद

बैठक में करुणा सिन्हा, संगीता कुमारी, प्रभावती कुमारी, सुनैना कुमारी, प्रभा सिंह, रीना कुमारी सहित बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाएं मौजूद थीं. सभी ने संगठन की एकजुटता के साथ अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर पहल तेज करने की बात कही.

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