बदलते गये कैलेंडर, मासूमों का दर्द नहीं समझ सका सिस्टम
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Dec 2016 8:40 AM (IST)
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हर रोज जाम में फंसते हैं स्कूल जानेवाले बच्चे पांच वर्षों में काम के नाम पर शहर को मिला केवल फुटपाथ औरंगाबाद सदर : नगर पर्षद के पांच वर्षों का कार्यकाल देखते-देखते निकल गया और अब ये साल 2016 भी बीतने को है. इन पांच वर्षों में शहर के लोगों को खूब सपने दिखाये गये […]
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हर रोज जाम में फंसते हैं स्कूल जानेवाले बच्चे
पांच वर्षों में काम के नाम पर शहर को मिला केवल फुटपाथ
औरंगाबाद सदर : नगर पर्षद के पांच वर्षों का कार्यकाल देखते-देखते निकल गया और अब ये साल 2016 भी बीतने को है. इन पांच वर्षों में शहर के लोगों को खूब सपने दिखाये गये और विकास का आश्वासन दिया गया, पर काम के नाम पर नगर पर्षद की हवा-हवाई बातें अब लोगों को तकलीफ दे रही हैं.
पांच वर्ष में शहर को काम के नाम पर अगर कुछ मिला, तो केवल फुटपाथ. जो पैदल चलने के लिए नहीं, बल्कि फुटपाथियों को दुकान सजाने के लिए बनी. इसे खाली कराने के लिए पूरे पांच वर्ष नगर पर्षद और जिला प्रशासन का हाइवोल्टेज ड्रामा चला, पर नतीजा कुछ नहीं निकल सका. शहर के अतिक्रमण की समस्या से जन्मी जाम की समस्या ट्रैफिक व्यवस्था को निगल गयी और इधर, मासूम स्कूली बच्चे जाम में फंस कर बिलबिलाते रहे, पर नप का सिस्टम इनके दर्द को नहीं समझ सका. इसके अलावे शहर में विकास के नाम पर जगमग करने के लिए लाइट लगायी गयी, जिससे लोगों को काफी उम्मीदें जुड़ी थी. लेकिन, ये भी लगने के बाद ठीक से 10 दिन भी नहीं जली और अब फ्यूज होने का बहाना भी बनाया जा रहा है. वहीं चौक-चौराहों पर लगी हाइमास्ट लाइट भी शायद ही कभी जलते हुए देखे जाते हैं. इसके अलावे नगर पर्षद की विकास की और भी दास्तां अधूरी है, जो परत दर परत खुलने को तैयार है.
नाला सफाई के नाम पर हुई खानापूर्ति : शहर में ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम पर नगर पर्षद की कोई कार्ययोजना सफल नहीं हो पायी. चाहे टिकरी मुहल्ला की नाला उड़ाही का मामला हो, या शहर के विभिन्न मुहल्लों में नाली जाम की समस्या. सभी कार्य नगर पर्षदवासियों को बरसात भर रूलाते रहे. वर्षावाले मौसम में पांच साल लोग इसी ताक में रह गये कि कोई नगर पर्षद में मसीहा बन कर आयेगा और इस समस्या से शहरवासियों को बाहर निकालेगा, पर ऐसा कुछ संभव होना ही नहीं था. आज भी नाला सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है.
अधर में लटका रहा सड़क का मामला : शहर के प्रमुख सड़कों में शामिल टिकरी मुहल्ले की सड़क, शाहपुर-यमुना नगर रोड, बिराटपुर राजर्षि विद्या मंदिरवाली सड़क, कचहरी जेल रोड सहित आधे दर्जन सड़क का मामला भी इन पांच वर्षों तक अधर में लटका रहा. शहर का प्रमुख पथ नगर पर्षद के आश्वासन पर आज भी ये उम्मीद लगाये बैठा कि शायद पांच साल का कार्य काल खत्म होते -होते इसकी सूरत शायद बन जाये.
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