सोन का जलस्तर घटा, फसलों का भारी नुकसान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Aug 2016 5:49 AM (IST)
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अब भी पानी में डूबी है कई गांवों के खेतों में लगी फसल सब्जी उत्पादक िकसानों की कमर टूटी दाउदनगर : सोननद का जलस्तर घटने से लोगों ने राहत की सांस ली है. शनिवार की शाम से लेकर रविवार तक सोननद का जलस्तर काफी घट गया था. सोनतटीय क्षेत्र की सड़कों पर लगा हुआ पानी […]
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अब भी पानी में डूबी है कई गांवों के खेतों में लगी फसल
सब्जी उत्पादक िकसानों की कमर टूटी
दाउदनगर : सोननद का जलस्तर घटने से लोगों ने राहत की सांस ली है. शनिवार की शाम से लेकर रविवार तक सोननद का जलस्तर काफी घट गया था. सोनतटीय क्षेत्र की सड़कों पर लगा हुआ पानी भी खत्म हो गया और पूर्व की तरह सड़कों पर आवागमन होने लगा. पुराना शहर स्थित बाबा भूतनाथ रोड, जमालपुर रोड एवं बालूगंज रोड में सड़कों पर जमा बाढ़ का पानी अब समाप्त हो चुका है. हालांकि, बाढ़ से भदई एवं धान की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. सब्जियों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गयी है. तटीय क्षेत्र के नवनेर, तेजपुरा, अंछा, जागा बिगहा, बालूगंज, पुराना शहर वार्ड नंबर-2, 9 एवं 1 के साथ मेवा बिगहा, महमदपुर, नान्हू बिगहा, मेंहदी बिगहा में अभी भी फसलें डूबी हुई हैं.
फसलों के परतों पर मिट्टी की परत जमा हो चुकी है, जिससे फसलों में नये पत्तों के निकलने की संभावना नहीं के बराबर है. किसानों का मानना है कि इसी तरह धूप निकली रही और फसलें पानी में डूबी रहीं, तो धान की फसल गल सकती है. वहीं भदई कददू, भिंडी, बोदी, परवल, बैगन, झिंगी, खीरा, नेनुआ आदि फसलें लगभग समाप्त हो चुकी हैं. इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है. किसानों का कहना है कि सोनतटीय क्षेत्र में महंगे बीज खाद, बीज एवं जुताई देकर भदई फसलें लगाई थीं, लेकिन बाढ़ ने सब कुछ समाप्त कर दिया है. बालूगंज में करीब दर्जनभर लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. डूबे हुये पक्के मकानों को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन मिट्टी व फूस के बने मकानों को नुकसान पहुंचा है. प्रशासन द्वारा चेतावनी के कारण अनाज एवं कीमती सामानों को लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया था, जिसके कारण उन्हें नुकसान होने की संभावना कम मानी जा रही है. दर्जनों लोग जिनके घरों में पानी प्रवेश कर गया था, वे दूसरे के मकानों में शरण लिये हुये हैं. वहीं वे किसी तरह से स्टोव या लकड़ी पर खाना बनाकर दिन काट रहे हैं. पीड़ित लोगों का कहना है पूर्णत: पानी निकलने एवं घरों से गाद हटाने में समय लगेगा.
बाढ़ का खतरा टला
सोननद का जल स्तर घटने के बाद बाढ का खतरा लगभग समाप्त हो चुका है. प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब साढे तीन लाख क्यूसेक पानी रेगुलर डिस्चार्ज हो रहा है, जिससे किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. स्थिति पूरी तरह नॉर्मल है. यदि सोन जलग्रहण वाले क्षेत्रों में भारी बारिश नहीं हुई, तो जलस्तर में वृद्धि नहीं होगी. पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है.
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