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प्रति हेक्टेयर "6800 का मिलेगा इनपुट अनुदान

Updated at : 15 Nov 2019 9:05 AM (IST)
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प्रति हेक्टेयर "6800 का मिलेगा इनपुट अनुदान

मदनपुर : सिंचाई के अभाव में खरीफ फसल की खेती से वंचित परती जमीन पर किसानों को कृषि इनपुट अनुदान का लाभ दिया जायेगा. प्रति हेक्टेयर असिंचित खेत पर 6800 रुपये अनुदान की राशि का भुगतान किया जायेगा. बीएओ अनिल कुमार ने बताया कि किसानों को प्रति हेक्टेयर असिंचित कृषि योग्य भूमि पर 6800 रुपये […]

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मदनपुर : सिंचाई के अभाव में खरीफ फसल की खेती से वंचित परती जमीन पर किसानों को कृषि इनपुट अनुदान का लाभ दिया जायेगा. प्रति हेक्टेयर असिंचित खेत पर 6800 रुपये अनुदान की राशि का भुगतान किया जायेगा.

बीएओ अनिल कुमार ने बताया कि किसानों को प्रति हेक्टेयर असिंचित कृषि योग्य भूमि पर 6800 रुपये की दर से अनुदान की राशि भुगतान की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रभावित किसानों को विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
पंजीकृत किसान ही आवेदन कर सकते हैं. खास कर किसान को यह ध्यान देना होगा कि आवेदन असिंचित भूमि का ही ऑप्शन चुने. सिंचित डालने पर आवेदन रद्द कर दिया जायेगा. जिन किसानों ने अबकी खरीफ खेती के लिए डीजल अनुदान की राशि प्राप्त की है. उन्हें कृषि इनपुट योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि रबी कार्यक्रम का लाभ सभी किसानों तक पहुंचाया जायेगा. साथ ही इनपुट अनुदान के लिए भी किसानों को जागरूक किया जायेगा. किसान इनपुट अनुदान के लिए 20 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं.
खेत में पुआल जलाने वाले किसान अनुदान से होंगे वंचित
बीएओ ने कहा कि खेत में पुआल या उसके अवशेष जलाने की वजह से वातावरण प्रदूषित होती है. खेत की मिट्टी के लिए भी काफी हानिकारक है. लिहाजा किसान को पुआल प्रबंधन की विशेष जानकारी व इससे जुड़ी योजनाओं को बताया जायेगा. कहा कि पुआल प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों पर अनुदान 50 से वृद्धि कर 75 फीसदी कर दी गयी है.
अब किसान स्ट्रा बेलर, रीपर, रीपर कम बाइंटर सहित अन्य इससे जुड़े यंत्र महज 25 फीसदी राशि लगाकर प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई किसान खेत में पुआल जलाता है, तो चिह्नित कर अनुदान योजना से वंचित कर दिया जा सकता है.
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