कुछ तमाशा देख रहे थे तो कुछ ले रहे थे सेल्फी

औरंगाबाद कार्यालय : शहर से होकर गुजरी अदरी नदी के पुल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी थी. सारे लोग तमाशबीन थे और नीचे नदी की धार में एक विक्षिप्त लहरों के साथ जिंदगी की जंग लड़ रहा था. लगभग एक घंटे तक तमाशा देखने का दौर चला. इसी दौरान पास के ही तीन युवकों […]
औरंगाबाद कार्यालय : शहर से होकर गुजरी अदरी नदी के पुल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी थी. सारे लोग तमाशबीन थे और नीचे नदी की धार में एक विक्षिप्त लहरों के साथ जिंदगी की जंग लड़ रहा था. लगभग एक घंटे तक तमाशा देखने का दौर चला. इसी दौरान पास के ही तीन युवकों ने विक्षिप्त को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी और लहरों से लड़ कर फंसे विक्षिप्त को नदी से निकालकर सड़क पर लाया, फिर इलाज के लिए उसे अस्पताल पहुंचाया. यह घटना मंगलवार की सुबह की है.
पता चला है कि शहर की सड़कों पर इधर-उधर घूमते विक्षिप्त नदी के किनारे से फिसल कर नदी में जा गिरा. इस क्रम में वह लहरों से बहते हुए झाड़ में फंस गया. पहले एक व्यक्ति ने उसे देखा और फिर उसके शोरगुल पर सैकड़ों लोग उस जगह पर पहुंच गये. किसी ने भी उसे बचाने की कोशिश नहीं की और न पुलिस को सूचना दी. यहां तक कि तमाशबीन मोबाइल में फोटो कैद कर रहे थे. कुछ ऐसे भी थे जो सेल्फी ले रहे थे. सवाल यह उठता है कि आखिर मानवता भी कोई चीज है या नहीं. वैसे हाल के कई घटनाओं ने सेल्फी के नाम पर मानवता को शर्मसार किया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










