औरंगाबाद: जूट भुगतान को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा, ओबरा-बारुण में फसल तैयार लेकिन नहीं मिला मूल्य

Updated:
विज्ञापन

खेत की तस्वीर

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

ओबरा और बारुण प्रखंड के किसानों को जूट की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया था, लेकिन फसल तैयार होने के बाद भी भुगतान नहीं मिला है. किसानों में भारी नाराजगी है और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है.

विज्ञापन

भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के निर्देश पर खलिहान कृषक सेवा स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा ओबरा और बारुण प्रखंड के किसानों को जूट की खेती के लिए प्रेरित किया गया था. किसानों से वादा किया गया था कि उन्हें प्रति बीघा 15,000 रुपये का मूल्य और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. लेकिन फसल तैयार होने के बाद भी किसानों को न तो भुगतान मिला है और न ही अनुदान, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है.

विज्ञापन

10 बीघा में जूट लगाने वाले किसान को अब तक नहीं मिला भुगतान

बारुण प्रखंड के धनगांई पंचायत अंतर्गत परसिया गांव के किसान अश्विनी कुमार ने बताया कि विभाग के आश्वासन पर उन्होंने अपनी 10 बीघा निजी जमीन पर जूट की खेती की. उन्हें प्रति बीघा 15,000 रुपये मिलने की बात कही गई थी. लेकिन अब तक न तो फसल का मूल्य मिला है और न ही किसी प्रकार की अन्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है. उनका कहना है कि जूट की फसल पूरी तरह तैयार हो चुकी है, फिर भी एजेंसी द्वारा इसकी कटाई तक नहीं कराई गई है.

जूट की कटाई नहीं होने से धान की बुआई पर संकट

किसानों का कहना है कि समय पर जूट की कटाई नहीं होने से उनकी धान की खेती प्रभावित हो रही है. अश्विनी कुमार ने एजेंसी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जल्द भुगतान और कटाई की व्यवस्था नहीं की गई तो किसान धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.

अन्य किसानों ने भी उठाए सवाल

ओबरा प्रखंड के किसान महेश पांडेय ने भी बताया कि विभाग और एजेंसी के कहने पर उन्होंने जूट की खेती की थी. लेकिन तय की गई राशि अब तक नहीं मिली है. उनका कहना है कि किसानों के साथ किए गए वादों को पूरा नहीं किया जा रहा है.

पूर्व पैक्स अध्यक्ष ने डीएम से हस्तक्षेप की मांग की

बारुण प्रखंड के पूर्व पैक्स अध्यक्ष एवं किसान गोपाल कृष्ण ने कहा कि एजेंसी और संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने जिला पदाधिकारी अभिलाष शर्मा से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि भारत सरकार के निर्देश पर जूट की खेती करने वाले किसानों को वादे के अनुसार फसल का मूल्य और मुआवजा राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे समय पर धान की खेती कर सकें.

किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे. किसानों का कहना है कि यदि सरकार और एजेंसी का यही रवैया रहा तो भविष्य में कोई भी किसान ऐसी योजनाओं के तहत जूट की खेती करने के लिए तैयार नहीं होगा.


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन