कार्यक्रम. पटेल जयंती के बहाने राज्यसभा सांसद का कांग्रेस पर प्रहार

Updated at : 12 Nov 2017 4:50 AM (IST)
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कार्यक्रम. पटेल जयंती के बहाने राज्यसभा सांसद का कांग्रेस पर प्रहार

आैरंगाबाद में मनायी गयी सरदार पटेल की जयंती औरंगाबाद नगर : शनिवार को पटेल विकास मंच के द्वारा लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती मनायी गयी. इस दौरान समाहरणालय के पास स्थित सरदार पटेल के प्रतिमा पर राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया. इस दौरान दानी बिगहा स्थित पार्क […]

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आैरंगाबाद में मनायी गयी सरदार पटेल की जयंती

औरंगाबाद नगर : शनिवार को पटेल विकास मंच के द्वारा लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती मनायी गयी. इस दौरान समाहरणालय के पास स्थित सरदार पटेल के प्रतिमा पर राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया. इस दौरान दानी बिगहा स्थित पार्क मैदान में समारोह का आयोजन किया गया. अध्यक्षता पटेल विकास मंच के अध्यक्ष गिरिजा प्रसाद सिंह व देखरेख जदयू के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह ने किया.
कार्यक्रम का उद्घाटन जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा में पार्टी के नेता रामचंद्र प्रसाद सिंह, पूर्व मंत्री विनोद प्रसाद यादव, कुर्था विधायक सत्यदेव कुशवाहा, करगहर विधायक वशिष्ठ सिंह व गोह के पूर्व विधायक डाॅ रणविजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया. आरसीपी सिंह ने कहा कि सरदार पटेल किसी जाति या धर्म के व्यक्ति नहीं थे. पटेल के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो निर्णय सराहनीय हैं.
एक उनके द्वारा आदमकद प्रतिमा बनाना एवं उनकी जयंती पर रन फॉन यूनिटी शुरू करना. ‘रन फॉर यूनिटी’ का विरोध कोलकाता से ममता बनर्जी ने किया. पटेल नहीं होते, तो बंगाल नहीं होता. जब बंगाल ही नहीं होता, तो ममता मुख्यमंत्री कैसे होतीं. विरोध करने से पहले कुछ सोचना चाहिए. पटेल के कारण पंजाब भारत के हिस्से में आया. नेहरू संपन्न घर में पैदा हुए, जबकि पटेल गांव से पढ़ कर वकील बने. नेहरू के अपेक्षा पटेल जमीनी नेता थे. नेहरू और पटेल की सोच में काफी अंतर था. श्री सिंह ने कहा कि नेहरू के पास कश्मीर का मामला था, जिसे वहां के राजा हरि सिंह ने भारत के हिस्से में दिया था. लेकिन, नेहरू ने उसे संयुक्त राष्ट्र के पास गलत तरीके से पेश किया. इसी के कारण आज भारत कश्मीर का दंश झेल रहा है और धारा 370 हटाने में अड़चने आ रही हैं.
सीएम का कृषि रोडमैप सराहनीय
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीन कृषि रोड मैप दिया है, जो सराहनीय है. आने वाले दिनों में किसानों को फसल की सही कीमत मिलेगी. किसान कम जमीन में अच्छी फसल लगाएं इस पर जोर दे रहे हैं. शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. इस शराबबंदी का अनुकरण अन्य प्रदेशों में किया जा रहा है. सरदार पटेल भी शराब के खिलाफ थे.
शादी के कार्डों पर दहेज न लेने की बात छपवाएं : आरसीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दहेजबंदी का सराहनीय निर्णय लिया है. उन्होंने जोर दिया कि अब शादी का कार्ड छपवाएं तो उसमे लिखे की शादी के दौरान दहेज नहीं ली गयी है.
जयंती कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सह शेरघाटी विधायक विनोद प्रसाद यादव, कुर्था विधायक सत्यदेव कुशवाहा, विधान पार्षद सीपी सिंह, नवीनगर विधायक विरेंद्र कुमार सिंह, रफीगंज विधायक अशोक कुमार सिंह, करगहर विधायक वशिष्ठ सिंह ने संबोधित किया. इस मौके पर पंचायती राज्य प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्वेता विश्वास, पूर्व विधायक रेणु देवी, ललन राम, जदयू प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह, चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ प्रकाश वर्मा, सीताराम दुखारी, त्रिपुरारि प्रसाद, जदयू प्रवक्ता अमित रंजन, सुरजीत सिंह, ज्याउलमुस्तफा खां, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्णबल्लभ सिंह उर्फ बबुआजी, पुरूषोत्तम कुमार सिंह, प्रवक्ता उज्जवल कुमार, पंकज पासवान, दीपक सिंह आदि मौजूद थे.
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