वार्डों के नये परिसीमन का प्रारूप प्रकाशन आज
Updated at : 12 Sep 2017 10:31 AM (IST)
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भावी प्रत्यािशयों के साथ ही लगी हैं आम लोगों की निगाहें भी दाउदनगर अनुमंडल : नवगठित दाउदनगर नगर पर्षद में वार्डों की संख्या 27 होनी है. नगर पंचायत के रूप में वार्डों की संख्या 23 थी, जो नगर पर्षद बनने के बाद 27 हो जानी है. वार्डों के परिसीमन व गठन की तिथि 4 सितंबर […]
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भावी प्रत्यािशयों के साथ ही लगी हैं आम लोगों की निगाहें भी
दाउदनगर अनुमंडल : नवगठित दाउदनगर नगर पर्षद में वार्डों की संख्या 27 होनी है. नगर पंचायत के रूप में वार्डों की संख्या 23 थी, जो नगर पर्षद बनने के बाद 27 हो जानी है.
वार्डों के परिसीमन व गठन की तिथि 4 सितंबर से शुरू होकर 11 सितंबर तक निर्धारित थी,जो सोमवार को समाप्त हो गयी.गठित वार्डों के प्रारूप का प्रकाशन सोमवार को होना है, जिस पर शहर के लोगों की निगाहें लगी हुई हैं. गौरतलब है कि नगर विकास व आवास विभाग ने 28 जुलाई 2017 के एक आदेश से नगर पंचायत दाउदनगर की सीमा को नगर पर्षद घोषित किया है. बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 13 के अंतर्गत नवगठित नगर पर्षद, दाउदनगर में कुल वार्डों की संख्या 27 निर्धारित की गयी है और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशानुसार चार से 11 सितंबर तक वार्डों का परिसीमन करते हुए 12 सितंबर को प्रारूप प्रकाशन कर देना है.
12 से 25 सितंबर तक आपत्ति प्राप्त करने की अवधि, 15 सितंबर से तीन अक्तूबर तक प्रारूप प्रकाशन के दौरान प्राप्त आपत्तियों का निष्पादन, नौ अक्तूबर तक वार्डों की सूची तैयार कर प्रमंडलीय आयुक्त का अनुमोदन,10 अक्तूबर को अंतिम रूप से गठित वार्डों का जिला गजट में प्रकाशन व 16 अक्तूबर तक राज्य सरकार (नगर विकास व आवास विभाग) व राज्य निर्वाचन आयोग को जिला गजट में प्रकाशित वार्डों की सूची व मानचित्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि निर्धारित है. सूत्रों के अनुसार, वार्डों का परिसीमन व गठन करने की जवाबदेही दाउदनगर बीडीओ अशोक प्रसाद को मिली है. इधर, प्रारूप प्रकाशन की तिथि आते ही चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है. संभावित वार्ड पार्षद प्रत्याशी व शहरवासियों की निगाहें प्रारूप प्रकाशन की ओर लगी हुई हैं.
औसत जनसंख्या है आधार : 2011 की जनसंख्या के अनुसार, नगर पर्षद, दाउदनगर की जनसंख्या 52 हजार 364 है. औसत जनसंख्या 1939 और वार्ड गठन व परिसीमन में मानक जनसंख्या 1439 से 2439 रखी गयी. इसी आधार पर परिसीमन होने की संभावना है.
वार्ड 16 व 23 को बांटने का हो सकता है विकल्प : शहर में औसत जनसंख्या निकालते हुए व पूर्व से व्याप्त असमानताओं को दूर करना एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है.
कयास लगाये जा रहे हैं कि अधिक जनसंख्यावाले वार्ड संख्या 16 व 23 को दो भागों में बांट कर दो वार्ड निकाले जा सकते हैं. शेष दो वार्डों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है. ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि वार्ड संख्या 14 व 15 को मिला कर तीन वार्डों में बांट कर एक और वार्ड संख्या 19 व 20 को मिला कर तीन वार्डों में बांट कर एक वार्ड निकाला जा सकता है.
वार्डों की जनसंख्या में असमानता को दूर करने के लिए कम जनसंख्या वाले वार्ड चार में तीन का कुछ भाग एवं वार्ड एक में 21 का कुछ भाग जोड़ा जा सकता है. इसके अलावे भी कुछ वार्डों का कुछ भाग एक दूसरे से काट कर दूसरे में जोड़ कर असमानता को दूर किया जा सकता है. हालांकि, प्रारूप प्रकाशन के बाद ही स्पष्ट तौर पर कुछ पता चल पायेगा. इस पर कोई पदाधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं, लेकिन इतना तय है कि यदि पूर्व की असमानता को दूर कर वार्डों का गठन व परिसीमन किया गया होगा तो कई संभावित प्रत्याशियों या निवर्तमान वार्ड पार्षदों को आगामी नप चुनाव में काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है. हालांकि, आपत्ति दाखिल करने का विकल्प भी है.
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