जीएसटी का प्रभाव, नहीं संभला बाजार

Updated at : 08 Jul 2017 8:53 AM (IST)
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जीएसटी का प्रभाव, नहीं संभला बाजार

औरंगाबाद सदर : गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स लागू हुए लगभग सात दिन बीत गये है. लेकिन अभी भी बाजार जीएसटी से प्रभावित दिख रहा है. लगन का त्योहार अभी-अभी खत्म हुआ है और वर्षा ऋतु अपना असर अब दिखाना शुरू की है. ऐसे में शहर के बाजार में गजब की खामोशी छायी हुयी है. आम […]

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औरंगाबाद सदर : गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स लागू हुए लगभग सात दिन बीत गये है. लेकिन अभी भी बाजार जीएसटी से प्रभावित दिख रहा है. लगन का त्योहार अभी-अभी खत्म हुआ है और वर्षा ऋतु अपना असर अब दिखाना शुरू की है. ऐसे में शहर के बाजार में गजब की खामोशी छायी हुयी है. आम तौर पर खचाखच भीड़ रहने वाले मार्केट में भी सन्नाटा पसरा रह रहा है. ग्राहको के इंतजार में दुकानदारों का पूरा दिन निकल जा रहा है. शहर के पुरानी जीटी रोड स्थित कपड़े की दुकान हो चाहे इलेक्ट्रॉनिक्स की या फिर ज्वेलरी की दुकानें ,हर जगह सन्नाटा पसरा हुआ है .
जहां बाजार से ग्राहक नदारद है वहीं दूसरी ओर हर सेक्टर जीएसटी के मार से प्रभावित है. ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी शिथिल पड़ा है. शहर के व्यवसायी दुकान खोलकर झंक तो मार ही रहे है साथ ही ब्रांडेड शो रूम में भी सन्नाटा पसरा है.माल नहीं आने का मुख्य कारण कंपनियां द्वारा माल नहीं भेजी जा रही है. वहीं अभी तक सभी लोगों ने पूर्णरूप से जीएसटी का नंबर भी नहीं ले रखा है.जिसके कारण बाजार प्रभावित है. गुरूवार को जब बाजार की पड़ताल की गयी तो बहुत सी जानकारियां मिली.
इलेक्ट्रानिक बाजार : जीएसटी लागू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक के बाजार पर भी असर पड़ा है. ऑफर पर इलेक्ट्रानिक की समानों की बिक्री तो हो रही है, लेकिन इलेक्ट्रानिक कंपनिया डीलरों की नयी बिलिंग नहीं कर रही. मौजूदा समय में डीलरों को कंपनी से कोई माल नहीं मिल रहा . जिसका नतीजा यह है कि ग्राहकों के मन मुताबिक चीज दुकानों में नहीं मिल रही और न ही मनपसंद मॉडल दुकानो में दिख रहे है. मां इलेक्ट्रॉनिक के संचालक अनुज कुमार बताते है कि कारोबार में 50 प्रतिशत की गिरावट आयी है.स्थिति सामान्य होने में अभी एक सप्ताह और लगेंगे.
कपड़ा बाजार : मनपसंद वस्त्रालय के संचालक मुकेश कुमार गुप्ता उर्फ लाल बताते है कि जीएसटी लागू होने से पहले से ही लोगों में खरीददारी को लेकर अनिश्चितता देखी जा रही थी. उधर कंपनी और इंडस्ट्री माल भेजने से डर रहे थे,लेकिन अब जब धीरे-धीरे स्थिति समान्य हो रही है और दुकान में तरह-तरह के ऑफर चल रहे है तब भी खरीददारी के प्रति लोगों का आकर्षण नहीं दिख रहा.हालांकि कंपनिया अभी भी बिलिंग करने में हिचकिचा रही है. बाजार में माल के अभाव में मंदी छाया हुआ है.
ब्रांडेड जूता बाजार : ब्रांडेड जूतो का बाजार भी ठंडा पड़ा हुआ है. जीएसटी की मार पड़ने से मार्केट प्रभावित है. बाजार से ग्राहक गायब हो गये है. ट्रांसपोर्ट भी नहीं चल रहे. माल आने में पेरशानी हो रही है.बहुत से लोगों ने अभी जीएसटी का रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया है,जिसके कारण कंपनियां नयी बिलिंग नहीं कर रही. माल नहीं आने की स्थिति में खुदरा एवं थोक बाजार दोनों प्रभावित हुए है. ऐसे में छोटे-छोटे रोजी रोटी से जुड़े लोग भी जीएसटी के प्रभाव में आ गये है,ठेला,रिक्शा व ऑटो चलाने वाले भी मंदी के दौर से गुजर रहे है.
धीरे-धीरे मार्केट के उठने की उम्मीद : इस वक्त जहां बड़े मॉल व कपड़े की दुकानों में जबरदस्त सेल लगी है ,वहीं दूसरी तरफ हॉलसेल मार्केट थोड़ा ठंडा पड़ा हुआ है. मार्केट के एक्सपर्ट बताते है कि जीएसटी के आने के पहले से यह सन्नाटा बरकरार है. जीएसटी लागू होने के बाद उम्मीद है कि मार्केट अब धीरे-धीरे उठेगा. जीएसटी को लोग धीरे-धीरे स्वीकारेंगे तो मार्केट की स्थिति खुद ब खुद ठीक हो जायेगी.
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