बेकार पड़े हैं लाखों की लागत से बने शौचालय
Updated at : 04 Jul 2017 5:33 AM (IST)
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कुव्यवस्था. स्वच्छता अभियान की हवा निकाल रही नप निर्माण पूरा होने के बाद भी अब तक नहीं किये गये नप को हैंडओवर औरंगाबाद सदर : स्वच्छता के सर्वे में औरंगाबाद शहर यूं ही सबसे पिछड़ा नहीं है, बल्कि औरंगाबाद शहर की ऐसी व्यवस्था ही रही है, जो शहर को पिछड़ा रखने में सहयोग करती रही […]
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कुव्यवस्था. स्वच्छता अभियान की हवा निकाल रही नप
निर्माण पूरा होने के बाद भी अब तक नहीं किये गये नप को हैंडओवर
औरंगाबाद सदर : स्वच्छता के सर्वे में औरंगाबाद शहर यूं ही सबसे पिछड़ा नहीं है, बल्कि औरंगाबाद शहर की ऐसी व्यवस्था ही रही है, जो शहर को पिछड़ा रखने में सहयोग करती रही है. हाल के दिनों में केंद्र सरकार की ओर देश के 434 शहरों व नगरों में कराये गये स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद जारी रिपोर्ट में 357वें स्थान पर औरंगाबाद का रैंक रहा. जो कहीं न कहीं यह जाहिर करता है कि शहरी व्यवस्था और सुविधाएं शहर को हमेशा पछाड़ रही हैं. शहर में घर से बाहर निकलने पर कहीं भी सार्वजनिक शौचालय नहीं मिलता. यही कारण है कि शहर के चौक-चौराहों और मंडियों में खुले में शौचमुक्ति अभियान का मजाक बन रहा है.
ऐसा नहीं कि जिम्मेदार इस हकीकत से वाकिफ नहीं है. लेकिन हालात सुधारने का प्रयास नहीं किया जा रहा. शहर में चार-पांच जगहों पर पूर्व में विधायक की अनुशंसा पर शौचालय व यूरिनल बने थे, पर अब तक उसे नगर पर्षद को नहीं सौंपा गया. इसकी वजह से इनका रख-रखाव कुछ ऐसा है कि आदमी उसे देख कर ही दूर भागता है.
शौचालय के पास गंदगी का अंबार : शहरवासियों का कहना है कि इसका रखरखाव ही संभव नहीं था, तो सरकारी राजस्व को बरबाद क्यों किया गया. शहर के नगर थाना के समीप, सब्जी मंडी, पोस्टऑफिस के पास, कचहरी मोड़, सत्येंद्रनगर, ब्लॉक परिसर में बने शौचालय दूर से ही दुर्गंध करते हैं और इनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है. हाल ही में गांधी मैदान में एक नया सार्वजनिक शौचालय बन कर तैयार हुआ है. इसका अब तक उद्घाटन भी नहीं हुआ है.
पहले की तरह ही न हो जाये हाल : लोगों की सुविधा और स्वच्छता के लिए सार्वजनिक शौचालय शहर में होना अनिवार्य माना जाता है. खुले में जब शौच की बात होती है, तो लोग सीधे गांव पर उंगली उठाते हैं, लेकिन शहर के हालात भी गांव से कुछ कम नहीं. सार्वजनिक शौचालय के अभाव में शहर के मुख्य सड़कों से लेकर वार्डों की सड़कों पर शौच कर देते हैं. लेकिन, इस पर किसी का ध्यान नहीं. हाल में शहर के वार्ड नंबर 29 गांधी मैदान में एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया. लेकिन, लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि लाखों रुपये लगा कर बने सार्वजनिक शौचालय का हश्र भी क्या पूर्व में बने सार्वजनिक शौचालय के तरह होना है या इसका रखरखाव करते हुए आगे शहर में सार्वजनिक शौचालय व यूरिनल की व्यवस्था भी बनायी जायेगी.
शहर के रमेश चौक, पोस्टऑफिस सब्जी मंडी व नगर थाना के समीप बने शौचालय को जल्द ठीक किया जायेगा.
उदय गुप्ता, अध्यक्ष ,नगर पर्षद औरंगाबाद
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