नीतीश ने किया स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा का अनावरण, कहा- सूबे में शराबबंदी के बाद अब दहेजबंदी और बालविवाह प्रथा बंदी

Published at :29 Jun 2017 4:43 PM (IST)
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नीतीश ने किया स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा का अनावरण, कहा- सूबे में शराबबंदी के बाद अब दहेजबंदी और बालविवाह प्रथा बंदी

औरंगाबाद : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार सुबह स्वतंत्रता सेनानी रामविलास शर्मा की प्रतिमा का अनावरण करने गोह पहुंचे. प्रतिमा के अनावरण के बाद गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों का बहिष्कार करना होगा. इसके लिए महिलाओं को आगे आना होगा, तभी […]

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औरंगाबाद : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार सुबह स्वतंत्रता सेनानी रामविलास शर्मा की प्रतिमा का अनावरण करने गोह पहुंचे. प्रतिमा के अनावरण के बाद गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों का बहिष्कार करना होगा. इसके लिए महिलाओं को आगे आना होगा, तभी प्रदेश का विकास तीव्र गति से हो सकेगा. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार में शराबबंदी के बाद अब दहेजबंदी और बाल विवाह प्रथा को समाप्त करना है. इसके लिए दो अक्टूबर से मुहिम चलायी जायेगी. उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में जब वे यात्रा पर निकले थे, तो सिर्फ विकास नहीं, बल्कि न्याय के साथ विकास की बात की थी. विकास का मतलब चंद लोगों का अमीर हो जाना नहीं है, बल्कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है.

नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी होने पर कई लोगों ने कहा कि यहां आनेवाले पर्यटकों की संख्या में कमी होगी, जबकि इसमें इजाफा हुआ है.पर्यटकों की संख्या में 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या नौ फीसदी बढ़ गयी. शराबबंदी से 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है. शराबबंदी से राजस्व में मामूली कमी आयी है, जो अगले साल से सामान्य हो जायेगा. गया जिले में लोग पिंड दान करने आते हैं, जबकि वैशाली, राजगीर में बुद्ध के ज्ञान की तलाश में पहुंचते हैं, न कि शराब पीने के लिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी को भरपूर समर्थन मिला और जिस मानव शृंखला में दो करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद की गयी थी, उस मानव शृंखला में चार करोड़ लोग शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने अपने पूरे संबोधन में शराबबंदी और सामाजिक कुरूतियों को दूर करने में जनसहभागिता को अहम बताया. उन्होंने अपने संबोधन के अंत में पूर्व विधायक रणविजय कुमार की मांग पर स्व रामविलास शर्मा की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने की घोषणा की. इसके लिए पत्र जारी करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने मंच से दिया.

मुख्यमंत्री करीब 45 मिनट तक मंच से संबोधन किया, लेकिन इस दौरान उन्होंने महागठबंधन में हुए खटास के बारे में कोई जिक्र नहीं की. इस मौके पर जल संसाधन मंत्री ललन कुमार सिंह, विधायक अशोक सिंह, सत्यदेव कुशवाहा, प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह, पूर्व विधायक रणविजय कुमार, पूर्व विधायक रेणु देवी, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह उर्फ गुड्डू, पंकज पासवान, सीताराम दुखारी सहित आदि थे.

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