अरवल में केस डायरी लिखने में लापरवाही पर नपेंगे थानेदार, SDPO का शख्त निर्देश

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बैठक करते SDPO

Arwal News: अरवल के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार संजय के नेतृत्व में समाहरणालय के सभा कक्ष में केस डायरी लेखन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, साक्ष्यों के सही संकलन और अनुसंधान में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया गया.

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Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) अरवल जिले में आपराधिक मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह रेस नजर आ रहा है. पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार संजय के नेतृत्व में समाहरणालय के सभा कक्ष में केस डायरी लेखन से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के विभिन्न थानों से आए अनुसंधान पदाधिकारियों ने भाग लिया, जहां विभिन्न कांडों के अनुसंधान की वर्तमान प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई.

बैठक के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार संजय ने कांड केस डायरी की गुणवत्ता को बारीकी से परखा. उन्होंने उपस्थित सभी अनुसंधान पदाधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिया कि केश डायरी का लेखन पूरी तरह से समयबद्ध, तथ्यपरक एवं विधिसम्मत ढंग से किया जाना चाहिए. इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या लेती-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और साक्ष्य संकलन पर विशेष बल

एसडीपीओ कुमार संजय ने बैठक में लंबित कांडों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की और उनके शीघ्र निष्पादन के लिए रोडमैप तैयार करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी मामले में वैज्ञानिक और जमीनी साक्ष्यों का समुचित संकलन सबसे महत्वपूर्ण होता है. इसलिए अनुसंधान कार्य में पूरी पारदर्शिता बनाए रखी जाए ताकि अपराधियों को अदालत से सजा दिलाई जा सके.

केस डायरी लिखने के दौरान अक्सर होने वाली तकनीकी और व्यावहारिक त्रुटियों पर चर्चा करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने ब्लैकबोर्ड और उदाहरणों के माध्यम से उन्हें सुधारने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया. उन्होंने कहा कि केश डायरी ही किसी भी केस का मुख्य आधार होती है. यदि इसमें कोई कमी रह जाती है, तो अपराधी कानून के शिकंजे से बच निकलते हैं. इसलिए सभी पदाधिकारी पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें.

लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों को दी गई चेतावनी

बैठक के अंतिम सत्र में कांडों के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान एवं प्रभावी कांड दैनिकी लेखन हेतु कई आवश्यक सुझाव साझा किए गए. एसडीपीओ ने साफ तौर पर कहा कि जो भी पुलिस पदाधिकारी अपने अनुसंधान में ढिलाई बरतेंगे या समय पर केस डायरी सबमिट नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एसपी को रिपोर्ट भेजी जाएगी. इस बैठक के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल है और उम्मीद की जा रही है कि लंबित मामलों के निपटारे में अब तेजी आएगी.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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