मौसम की बेरुखी से किसानों को हो रही परेशानी
Author Prabhat khabar digital desk
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अरवल : जिला के किसान अपने खेतों में बिचड़ा तो डाले, लेकिन बिचड़ा जितना पुष्ट जमना चाहिए था नहीं जमा. कई किसानों के बिचड़ा रोग से ग्रसित हो गया है. इसके पीछे कृषि वैज्ञानिक बता रहे है कि बीज का उपचार नहीं करने के कारण किसानों के खेतों में बिचड़ा रोग से ग्रसित हो गया. […]
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अरवल : जिला के किसान अपने खेतों में बिचड़ा तो डाले, लेकिन बिचड़ा जितना पुष्ट जमना चाहिए था नहीं जमा. कई किसानों के बिचड़ा रोग से ग्रसित हो गया है. इसके पीछे कृषि वैज्ञानिक बता रहे है कि बीज का उपचार नहीं करने के कारण किसानों के खेतों में बिचड़ा रोग से ग्रसित हो गया. वहीं किसान परेशान हैं, क्योंकि जिस उम्मीद से उन्होंने अपने खेतों में बिचड़ा गिराया था.
उस उम्मीद के प्रतिकूल एक तो कम जमा ऊपर से जमा भी तो रोग से ग्रसित हो गया. करपी प्रखंड के रामपुर गांव के किसान रामगोविंद सिह,रामाधार शर्मा, सत्येंद्र सिंह आदि ने अपने खेतों में बाजार से बीज खरीद कर डाला था, जो रोग से ग्रसित हो गया. वहीं गोविंद सिंह ने बताया कि बीज भंडार से 600 रुपये पैकेट धान का बीज खरीदे थे, लेकिन जब खेत में बिचड़ा जमा तो अब रोग पकड़ लिया.
कहा जाता है कि जिस आद्रा नक्षत्र में बारिश से तालाब, कुआं, नदी और नाला जलमग्न हो जाता था, आज वहां धूलकण उड़ रहे हैं. जिले में होने वाली अनुपातिक पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष काफी कम बारिश हुई है. मौसम विभाग व कृषि विभाग इस वर्ष अच्छी बारिश का दावा तो कर रही है, लेकिन शुरुआत में ही बारिश का कम होने की चिंता भी किसानों को चिंता को बढ़ा रहा है. एक तो बारिश नहीं होने के कारण किसान पहले से ही चिंतित है, ऊपर से अपने पूंजी लगाकर बाजार से बिचड़ा खरीदा, लेकिन बिचड़ा पूरा नहीं जमा. इधर जो उगा भी तो वह रोगग्रस्त हो गया.
बोले पदाधिकारी
किसानों के खेतों में बिचड़ा रोग से ग्रसित हुआ, यह चिंता का कारण है. किसान को पहले बीज का उपचार करना चाहिए था, लेकिन अब बीज को पुष्ट करना और बचाना है. इसके लिए करवा फ्यूशन 03जी 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या 4810 जी 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें.
– विकास कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, अरवल
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