आरा
. विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, भोजपुर, आरा के बीटेक तृतीय सेमेस्टर, यांत्रिक अभियंत्रण विभाग के विद्यार्थियों बिहटा में सफलतापूर्वक दो सप्ताह के औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के उपरांत प्रमाणपत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 दिसंबर से 5 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग आधारित व्यावहारिक ज्ञान, आधुनिक तकनीकों एवं कौशल विकास से जोड़ना था. इस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, भोजपुर के प्राचार्य डॉ पंकज श्रीवास्तव और बिहटा के निदेशक उपस्थित रहे. उनके कर-कमलों द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये. इस अवसर पर यांत्रिक अभियंत्रण विभाग के विभागाध्यक्ष अक्षय शर्मा, प्रो. विक्रांत गौतम तथा कॉलेज के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी प्रो अमृतांशु रौशन की गरिमामयी उपस्थिति रही. अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी तकनीकी युग में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है. विद्यार्थियों के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे वास्तविक औद्योगिक वातावरण, मशीनों और प्रक्रियाओं को समझ सकें. प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी प्रो. अमृतांशु रौशन के महत्वपूर्ण योगदान की भी इस अवसर पर विशेष रूप से सराहना की गयी. उनके प्रभावी समन्वय, बेहतर संवाद एवं सतत प्रयासों के कारण भोजपुर और बिहटा के बीच यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के उद्योग–संस्थान सहयोग से छात्रों की रोजगार क्षमता में वृद्धि होती है. उन्होंने बिहटा द्वारा प्रदान किए गए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की सराहना करते हुए छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. प्रशिक्षण अवधि के दौरान विद्यार्थियों को वर्कशॉप में प्रयुक्त विभिन्न पारंपरिक एवं आधुनिक मशीनों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया. इसके साथ ही मशीनों के संचालन, प्रोग्रामिंग, टूल चयन तथा उत्पादन प्रक्रिया से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण से छात्रों को आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों की गहरी समझ विकसित करने का अवसर मिला. इसके अतिरिक्त छात्रों को सॉफ्टवेयर का विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया. प्रशिक्षण के अंतर्गत इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, डिजाइन, डाइमेंशनिंग तथा औद्योगिक मानकों के अनुरूप ड्रॉइंग तैयार करने का अभ्यास कराया गया. इस सॉफ्टवेयर आधारित प्रशिक्षण से छात्रों की डिजाइनिंग क्षमता एवं तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

