असम विमान हादसे में शहीद दानिश आलम के घर पहुंचे मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, परिजनों को बंधाया ढांढस

Updated:
विज्ञापन

परिजनों को ढांढस दिलाते मंत्री प्रमोद कुमार

Danish Alam Martyr : भोजपुर जिले के कायम नगर निवासी शहीद अग्निवीर दानिश आलम के परिजनों से बिहार सरकार के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के An-32 विमान हादसे में दानिश आलम ने मातृभूमि की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था.

विज्ञापन

Danish Alam Martyr : (दीनानाथ मिश्र की रिपोर्ट) असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के An-32 विमान दुर्घटना में देश के पांच वीर वायुयोद्धाओं की शहादत में भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कायम नगर निवासी अग्निवीर वायु दानिश आलम ने भी मातृभूमि की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे.

शहीद अग्निवीर दानिश आलम के पैतृक गांव पहुंचकर बिहार सरकार के खान-भूतत्व एवं कला-संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की. इस दौरान उन्होंने दिवंगत वीर के पिता मो. फारुख समेत परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया.

शहादत को देश हमेशा याद रखेगा

मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि दानिश आलम का बलिदान हम सभी को हमेशा प्रेरित करता रहेगा. उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान देश कभी नहीं भूलेगा. उनकी शहादत को पूरा देश सलाम करता है.

परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की

मंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की. इस अवसर पर कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और शहीद अग्निवीर वायु दानिश आलम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

इसे भी पढ़ें: शाहाबाद बनेगा शिक्षा का केंद्र, हर प्रखंड में खुलेंगे डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

विज्ञापन
निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन