भोजपुर में 11 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों का धरना, मांगें नहीं मानी गईं तो मानसून सत्र में होगा विधानसभा का घेराव

Edited by Nikhil Anurag
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शिक्षकों का एक दिवसीय धरना

Arrah Teacher news : भोजपुर में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने 11 सूत्री मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दिया. शिक्षकों ने ससमय वेतन भुगतान, प्रोन्नति, स्थानांतरण, पुरानी पेंशन और एरियर भुगतान सहित कई मांगें उठाईं तथा मांगें पूरी नहीं होने पर मानसून सत्र में विधानसभा घेराव की चेतावनी दी.

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Arrah Teacher news : (दीनानाथ मिश्रा की रिपोर्ट) बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ, भोजपुर इकाई द्वारा प्रदेश इकाई के आह्वान पर 11 सूत्री मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया. धरना की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह मंटू ने की, जबकि संचालन प्रधान सचिव परमेश्वर पासवान ने किया.

समय पर वेतन नहीं मिलने से शिक्षक परेशान : मंटू

धरना को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह मंटू ने कहा कि सरकार शिक्षकों का समय पर वेतन भुगतान नहीं कर उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है. उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. सरकार की गलत नीतियों के कारण शिक्षकों का समय पर वेतन भुगतान, ईपीएफ का अद्यतन, स्नातक ग्रेड में प्रमोशन, कालबद्ध प्रोन्नति, प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति, अंतर जिला एवं जिला अंतर्गत ऐच्छिक और पारस्परिक स्थानांतरण तथा एरियर भुगतान जैसी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान हो जाए तो शिक्षा व्यवस्था स्वतः सुदृढ़ हो जाएगी. मांगों पर विचार नहीं होने की स्थिति में मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा.

सेवा शर्तों और प्रोन्नति पर तत्काल निर्णय की मांग

प्रधान सचिव परमेश्वर पासवान एवं कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद ने कहा कि वेतन विसंगति, सेवा शर्तों में सुधार और लंबित प्रोन्नति जैसे मुद्दों पर सरकार को अविलंब संज्ञान लेना चाहिए. शिक्षकों को वर्तमान और भविष्य दोनों की सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए. शिक्षक नेताओं ने कहा कि अपनी जायज मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है.

शिक्षकों की प्रमुख 11 मांगें

शिक्षक संघ ने सरकार के समक्ष 11 सूत्री मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से सभी कोटि के शिक्षकों का वेतन प्रत्येक माह की पहली तारीख को भुगतान करने, लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने, स्नातक ग्रेड में प्रमोशन, प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति और कालबद्ध प्रोन्नति देने, ऐच्छिक एवं पारस्परिक स्थानांतरण शुरू करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ईपीएफ का अद्यतन करने, सभी बकाया वेतन एवं एरियर का भुगतान करने, वेतन संरक्षण के साथ संशोधित वेतन लागू करने, मृत शिक्षकों के आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी देने, हिंदी विद्यालयों में शनिवार और उर्दू विद्यालयों में गुरुवार को अर्धदिवसीय विद्यालय संचालन तथा शारीरिक शिक्षक एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों को वेतनमान एवं राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग शामिल है. धरना समाप्त होने के बाद शिक्षकों ने अपनी 11 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी भोजपुर को सौंपा.

बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद

धरना कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह मंटू, प्रधान सचिव परमेश्वर पासवान, जिला सचिव सह मीडिया प्रभारी मोहम्मद शौकत अली, जिला उपाध्यक्ष निर्भय कुमार सिंह, नंद किशोर सिंह, संजय कुमार सिंह, सदाकत हुसैन, शंकर कुमार, जिला सचिव उपेंद्र कुमार सिंह सहित विभिन्न प्रखंडों के अध्यक्ष, सचिव, महासचिव एवं सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे.

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Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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