आरा में नगर निकाय की खुली पोल: भीषण गर्मी में प्याऊ पर मिल रहे सूखे घड़े, प्यासे भटक रहे लोग

Edited by Ragini Sharma
Updated:
विज्ञापन

सार्वजनिक पेयजल केंद्र पर पानी के एक खाली घड़ा की तस्वीर

Arrah News: आरा में भीषण गर्मी में राहत देने के लिए लगाए गए प्याऊ आरा में बेकार साबित हो रहे हैं. नगर निकायों द्वारा लगाए गए प्याऊ पर पानी नहीं मिल रहा, जिससे लोग निराश होकर लौट रहे हैं. सिर्फ दिखावे के लिए बनाए गए इन प्याऊ पर खर्च तो हो रहा है, लेकिन लोगों की प्यास नहीं बुझ रही. अब व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

विज्ञापन

Arrah News:(नरेन्द्र प्रसाद सिंह) भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. हालत यह है कि लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं और दूर-दूर तक भटकने को मजबूर हैं. सरकार और नगर निकायों की ओर से राहत देने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं- कागजों और फाइलों में सारी व्यवस्था एकदम चाक-चौबंद दिखाई जाती है. लेकिन जब जमीनी हकीकत देखी जाती है, तो तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है. प्यास से परेशान लोगों की कहानी कुछ और ही बयां करती है. ताजा मामला आरा से सामने आया है, जहां राहत के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है.

प्याऊ बना ‘मृग मरीचिका’, नहीं मिल रहा पानी

आरा जिले में नगर निकायों द्वारा जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था की गई है, ताकि लोगों को गर्मी से राहत मिल सके। लेकिन ये प्याऊ अब लोगों के लिए मृग मरीचिका बन चुके हैं. प्याऊ के नाम पर छोटे-छोटे पंडाल और मिट्टी के घड़े तो रखे गए हैं, लेकिन जब लोग पानी पीने पहुंचते हैं, तो घड़े सूखे मिलते हैं. नतीजा-प्यासे लोग निराश होकर वापस लौट जाते हैं.

सूखा घड़ा देख लोगों में नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पानी ही उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे प्याऊ लगाने का क्या मतलब? यह सिर्फ दिखावे के लिए किया गया इंतजाम लगता है. भीषण गर्मी में जहां पानी सबसे बड़ी जरूरत है, वहां इस तरह की लापरवाही लोगों के गुस्से को बढ़ा रही है.

खर्च दिख रहा, लेकिन सुविधा गायब

लोगों का आरोप है कि नगर निकाय प्याऊ के नाम पर खर्च और बिल तो बना रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है. यानी कागजों में सब कुछ ठीक, लेकिन हकीकत में लोगों को राहत नहीं मिल रही.

इन नगर निकायों में प्याऊ का दावा

आरा नगर निगम, कोईलवर नगर पंचायत, जगदीशपुर, पीरो, शाहपुर और गड़हनी नगर निकाय क्षेत्रों में प्याऊ लगाने का दावा किया गया है. लेकिन इन जगहों पर लोगों को राहत मिलने के बजाय सिर्फ निराशा ही हाथ लग रही है.

प्रशासन से सुधार की मांग

भीषण गर्मी में इस तरह की व्यवस्था लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है. अब जरूरत है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और प्याऊ की व्यवस्था को सही तरीके से लागू करे, ताकि लोगों को वास्तव में राहत मिल सके.

Also Read: मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा: हंगामे के बाद प्रशासन अलर्ट, रोहतास में परीक्षा केंद्रों पर दिखा पुख्ता इंतजाम

विज्ञापन
Ragini Sharma

लेखक के बारे में

By Ragini Sharma

वर्तमान में मैं रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन