अररिया. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को नये सिरे से चयनित 100 में से 50 पारा विधिक स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव के प्रकोष्ठ में हुआ. प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश गुंजन पांडेय ने की. उन्होंने बताया कि पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका समाज के आम, असहाय व वंचित वर्गों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि ये लोग आर्थिक अभाव के कारण न्याय तक नहीं पहुंच पाते हैं. ऐसे लोगों को न्याय दिलाने में पारा विधिक स्वयंसेवक सेतु का कार्य करते हैं. कार्यक्रम में डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि पारा विधिक स्वयं सेवक के रूप में कार्य करते हुए उन्हें नियमों के अंतर्गत हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा. ताकि असहाय लोगों को न्याय व विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. उन्होंने बताया कि 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के संबंध में भी विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. प्रशिक्षकों में शंभु कुमार रजक, एडीसीपीयू के शंभु कुमार रजक, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा, सीपीयू के बबलू कुमार पाल, सीडब्ल्यूसी सदस्य परमानंद मंडल, जीविका के पदाधिकारी चंदा कुमारी, सदर अस्पताल के मनोवैज्ञानिक शुभम कुमार ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर विधिक जागरूकता को मजबूत करना व जरूरतमंद लोगों को न्याय प्रणाली से जोड़ना रहा. बताया गया कि शेष बचे 50 पारा विधिक स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण आगामी 15 जनवरी को होगा.
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