Araria, अररिया को स्मार्ट सिटी बनाने के वायदे फेल, हकीकत में कूड़े-कचड़े का साम्राज्य
Author :MANISH KUMAR
Published by :MANISH KUMAR
Updated at :04 May 2026 10:10 AM
विज्ञापन

अररिया को स्मार्ट सिटी बनाने के वायदे फेल, हकीकत में कूड़े-कीचड़ का साम्राज्य
विज्ञापन
जिला मुख्यालय अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट,
अररिया नगर परिषद क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं. अररिया नगर परिषद की ओर से शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के बड़े-बड़े वायदे जमीनी हकीकत में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं. नगर परिषद क्षेत्र की सड़क व गलियों का हाल देखकर स्मार्ट सिटी की कल्पना भी मुश्किल है. यह दो तस्वीर शहर के अलग-अलग मोहल्ले वार्ड संख्या 10/15 व 17 की है. जहां जलजमाव व कूड़े के ढेर ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है.तस्वीर बयां करती हकीकत
तस्वीर में साफ दिख रहा है कि सड़क व गली के बीचों-बीच गंदा पानी जमा है. पानी में प्लास्टिक, पॉलिथीन व घरों का कचरा तैर रहा है. किनारे कूड़े का बड़ा ढेर लगा है. मकानों की दीवारों पर सीलन व काई जमी है. बारिश के बिना भी यहां जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की सफाई नहीं होने से पानी की निकासी ठप है.– लोगों का दर्द
वार्ड के निवासी बताते हैं कि कई महीनों से यह हाल है. नगर परिषद को कई बार शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. गंदगी व बदबू के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है. बच्चों का घर से निकलना मुश्किल है. मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. स्कूली बच्चों व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है.– सड़क पर पानी के साथ कचरे का अंबार
अररिया नप के वार्ड संख्या 10/15 स्थित मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है. हल्की बारिश में भी घुटनों तक पानी भर जाता है. लोगों का पैदल निकलना मुश्किल है. बाइक व पैदल चलने वाले पानी में फंस रहे हैं. इधर वार्ड संख्या 17 की हालात और भी खराब हैं. सड़क पर पानी के साथ कचरे का अंबार लगा है. नालियां जाम हैं व गंदा पानी सड़क पर बह रहा है. बदबू व मच्छरों से लोग परेशान हैं.– स्थानीय लोगों ने अररिया नप से कई बार की शिकायत
वार्डवासियों ने बताया कि कई बार नगर परिषद के जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. जलजमाव के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों को भारी दिक्कत हो रही है. गंदे पानी से डेंगू, मलेरिया व डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. एक स्थानीय निवासी ने कहा, “सड़क पर चलें या नाव चलाएं, समझ नहीं आता. कचरे की वजह से घरों के आगे से निकलना भी मुश्किल है. वार्ड के लोगों ने नगर परिषद प्रशासन व जिला प्रशासन से तुरंत नालियों की सफाई, पानी निकासी व कचरा उठाव की मांग की है. लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे. सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार वार्ड संख्या 17 की नगर पार्षद काजल कुमारी ने भी मस्जिद रोड सहित उससे जुड़े सड़क-गली की साफ सफाई को लेकर नगर परिषद के इओ चंद्र प्रकाश राज को आवेदन दिया है. लेकिन सप्ताह बीत जाने के बाद भी सफाई नहीं हुई है.– नप प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब नगर परिषद मुख्यालय से चंद कदम दूर का यह हाल है तो बाकी वार्डों की स्थिति क्या होगी. मानसून से पहले ही ये हाल है तो बारिश में क्या होगा, इसको लेकर लोग चिंतित हैं. सवाल उठ रहा है कि स्वच्छ भारत अभियान व नाली-गली योजना का पैसा कहां खर्च हो रहा है. नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. लोगों ने डीएम से मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है.– नगर परिषद के दावे हवा-हवाई
गौरतलब है कि अररिया नगर परिषद के मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा ने चुनावी समय में लोगों से बड़े-बड़े वायदे किए थे. जिसमें अररिया शहर को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करना उनके कार्यों में मुख्य प्राथमिकता बताया गया था. लेकिन चुनाव व उनके कार्यकाल के 04 साल से अधिक बीत जाने के बाद भी अररिया शहर की दुर्दशा जगजाहिर है. स्वच्छता अभियान, नाला-उड़ाही व डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के वायदे किए गए थे. लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस है. करोड़ों का बजट खर्च होने के बाद भी शहर की गलियां, कूड़े व जलजमाव से कराह रही हैं.– क्या कहते हैं अधिकारी
मामले में जानकारी नहीं है, स्थान का निरीक्षण कर अग्रेत्तर कार्रवाई करने की बातें कहीं.चंद्र प्रकाश राज, इओ, नगर परिषद, अररियाप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










