अररिया.साइबर थाना व महलगांव थाना पुलिस ने वाई-फाई राउटर व फिंगर स्कैनिंग डिवाइस से अवैध निकासी करने वाले पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि बुधवार को साइबर थाना में गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि महलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम किसनपुर वार्ड संख्या 06 में विनोद मंडल के घर पर कुछ साइबर ठग इकट्ठा होकर आम जनता के बैंक खातों से साइबर ठगी कर रहे हैं. इस सूचना को वरीय पुलिस पदाधिकारी को अवगत कराया गया. सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष साइबर थाना रजिया सुल्ताना अररिया के नेतृत्व में महलगांव थाना के साथ मिल कर एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया. साइबर थाना व महलगांव थाना की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विनोद मंडल के घर पर छापेमारी की तो छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर के पिछले कमरे में छह व्यक्तियों को लैपटॉप, मोबाइल व फिंगर स्कैनिंग डिवाइस के साथ संदिग्ध अवस्था में पाया. पुलिस को देखते ही सभी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पांच व्यक्तियों को पुलिस बल के सहयोग से पकड़ लिया गया. जिसमें विनोद मंडल, मो सरताज, सोनू कुमार मंडल, मो निसार व भास्कर कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो सभी ने बताया कि वे जियो वाईफाई राउटर का उपयोग कर लैपटॉप व टैब के माध्यम से लोगों का डेटा प्राप्त करते थे. वे फिंगर स्कैनिंग डिवाइस का उपयोग कर अवैध रूप से लोगों के बैंक खातों से पैसे की निकासी करते हैं. पुलिस ने मौके से महलगांव थानांतर्गत किशनपुर निवासी विनोद मंडल, चिरह निवासी मो सरताज, किशनपुर निवासी सोनू कुमार मंडल व पलासी थाना क्षेत्र के श्यामपुर निवासी मो निसार, पूर्णिया के अमौर निवासी भास्कर कुमार को गिरफ्तार किया गया.
नकली फिंगर बना कर यूपीआइ के माध्यम से कर रहा था अवैध निकासी
एसपी अंजनी कुमार ने बताया कि महलगांव थाना व साइबर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापामारी किया गया है. थाना क्षेत्र से बहुत सारे फिंगर, लैपटॉप व अन्य समान बरामद किये गए हैं. यह गिरोह नकली फिंगर बनाकर यूपीआई के माध्यम से अवैध निकासी किया करते थे. मौके से पांच व्यक्तियो को गिरफ्तार किया गया है, इनके पास से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किये हैं. एसपी ने बताया कि महलगांव थाना क्षेत्र दो-तीन गांव के कुछ लोग लगातार इसी काम में फिंगर प्रिंट के द्वारा जो अलग-अलग राज्य के केवाला जो बेवसाइट पर अपलोड होते उनके काॅपी निकालकर उसका फिंगर प्रिंट क्लोन कर व उनके आधार कार्ड नंबर की मदद से अवैध निकासी की घटना को अंजाम देते है. क्योंकि पांच हजार रुपये से कम की राशि निकासी करने पर ओटीपी नहीं आता है. एसपी ने बताया की इससे पूर्व भी महलगांव थाना क्षेत्र से फिंगर प्रिंट क्लोन कर साइबर फ्रॉड गिरोह के एक सरगना को गिरफ्तार किया गया था. जिसके पास से बड़ी संख्या में फिंगर प्रिंट क्लोन बरामद हुई थी. एसपी ने बताया कि इस संदर्भ में साइबर थाना में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है व फरार अभियुक्त कि गिरफ्तारी के लिये छापामारी की जारी है जल्द हीं फरार अभियुक्त की भी गिरफ्तारी क़ी जायेगी. छापामारी में साइबर थाना के अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाया.
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