अररिया में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा: 5,122 हाइपरटेंशन व 4,159 डायबिटीज मरीजों का इलाज शुरू

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अधिकारियों की समीक्षा करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

समीक्षा करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

अररिया जिले में गैर संचारी रोगों (NCD) और टीबी उन्मूलन अभियान को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय है. जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. 5122 हाइपरटेंशन और 4159 डायबिटीज मरीजों का इलाज जारी है.

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अररिया जिले में गैर संचारी रोगों (NCD) के प्रभावी उपचार और टीबी (तपेदिक) उन्मूलन अभियान को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. समाहरणालय स्थित परमान सभागार में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अति-महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन ने की. बैठक के दौरान जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति, दवाओं की उपलब्धता और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों की प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन किया गया.

हाइपरटेंशन और डायबिटीज के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी, इलाज जारी

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गैर संचारी रोगों (नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज) की स्क्रीनिंग और उनके उपचार से जुड़े ताजा आंकड़े जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए:

  • हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप): जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और जांच शिविरों के माध्यम से अब तक कुल 5,122 हाइपरटेंशन से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उनका नियमित उपचार शुरू किया जा चुका है.
  • डायबिटीज (मधुमेह): इसी प्रकार, रक्त शर्करा की जांच के बाद 4,159 डायबिटीज मरीजों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श और दवाएं दी जा रही हैं.

डीएम का सख्त निर्देश: नियमित फॉलोअप और दवाओं की न हो कमी

मरीजों के आंकड़ों पर संतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा बहाल रखने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:

  1. नियमित फॉलोअप: डीएम ने कहा कि जिन मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है, उनकी नियमित रूप से फॉलोअप जांच (Follow-up Checkup) सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी शारीरिक स्थिति पर नजर रखी जा सके.
  2. दवाओं की उपलब्धता: जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इन बीमारियों से जुड़ी आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहना चाहिए, ताकि किसी भी मरीज को बाहर से दवा न खरीदनी पड़े.

टीबी सक्रिय खोज अभियान की समीक्षा, 2025 के लक्ष्य पर फोकस

समीक्षा बैठक का एक मुख्य एजेंडा भारत सरकार और बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा टीबी सक्रिय खोज अभियान (Active Case Finding Campaign) भी रहा:

जिलाधिकारी का आधिकारिक वक्तव्य: "वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का राष्ट्रीय संकल्प है. इस लक्ष्य को अररिया जिले में शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए संभावित टीबी मरीजों की अधिक से अधिक और समय पर पहचान करना अनिवार्य है. संदिग्धों की तुरंत बलगम व अन्य आवश्यक जांच कराई जाए और रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही अविलंब उनका मुफ्त डॉट्स (DOTS) उपचार शुरू किया जाए."

डीएम ने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं और संबंधित फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बेहतर और मजबूत समन्वय (Coordination) होना आवश्यक है, ताकि कोई भी संभावित मरीज जांच के दायरे से बाहर न छूटने पाए.


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