पलासी में दम तोड़ गई हर घर नल-जल योजना, अधिकांश वार्डों में महीनों से बंद है पानी की सप्लाई

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पलासी प्रखंड में सरकार की हर घर नल-जल योजना पूरी तरह विफल हो गई है। पाइपलाइन और टंकियां खराब होने से ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।

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अररिया : सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना पलासी प्रखंड में लगभग पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है. प्रखंड की 21 पंचायतों में दो-चार वार्डों को छोड़ दें तो अधिकांश वार्डों में नलों से पानी आना बंद हो गया है. जिन स्थानों पर पानी की आपूर्ति हो भी रही है, वहां लोगों को साफ पानी के बजाय गंदा और दूषित पानी मिल रहा है.

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सात निश्चय योजना के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पंचायतों में आबादी के अनुसार पानी की टंकियां बनाई गईं और घर-घर तक पाइपलाइन बिछाई गई. शुरुआत में कुछ दिनों या महीनों तक लोगों को पानी मिला, लेकिन इसके बाद अधिकांश जगहों पर आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई.

ग्रामीणों की शिकायतों का नहीं निकला समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. मजबूरी में लोग फिर से आयरनयुक्त चापाकल और नलकूप के पानी पर निर्भर हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है.

कहीं मोटर खराब, कहीं पाइपलाइन टूटी

पानी टंकी के संचालकों का कहना है कि कई जगह मोटर खराब है, कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है, तो कहीं मानदेय नहीं मिलने के कारण जलापूर्ति बाधित है. दूसरी ओर ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और संवेदक योजना के रखरखाव के प्रति गंभीर नहीं हैं.

चहटपुर पंचायत में गंदा पानी मिलने से नाराजगी

चहटपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 के मो. शाहजहां, मो. अशरफ, मो. नदीम, मो. शमसाद, मो. इरशाद, मो. शाहिद, मो. कुर्बान, मो. हासीम, बीबी बानो, बीबी नजहत, बीबी कुदरती खातून, बीबी आइसा, बीबी मुर्शीदा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना के तहत लगी टंकी से गंदा पानी आ रहा है. विभागीय कनीय अभियंता से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई.

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पंप संचालक मनमाने ढंग से जलापूर्ति करते हैं और कई बार उनके स्थान पर परिवार के सदस्य पंप चलाते हैं, जिससे नियमित आपूर्ति प्रभावित होती है.

उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि सीमांचल क्षेत्र के अधिकांश गांवों में भूजल आयरनयुक्त है. ऐसे में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने वाली नल-जल योजना का बंद होना लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने सरकार से योजना की उच्चस्तरीय जांच कराकर सभी बंद जलापूर्ति योजनाओं को तत्काल चालू कराने और लापरवाह अधिकारियों व संवेदकों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है.

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