कर्मियों को संवैधानिक लाभ से रखा जा रहा वंचित: केवीके

Edited by PRAPHULL BHARTI
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केवीके कर्मियों ने की एक दिवसीय हड़ताल

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अररिया. फॉरम ऑफ केवीके व एआइसीआरपी के आह्वान पर कृषि विज्ञान केंद्रों की लंबे समय से लंबित मांगों की पूर्ति के लिए एक दिवसीय देशव्यापी कलमबंद हड़ताल का आयोजन केवीके अररिया में किया गया. इस कलमबंद हड़ताल के आयोजन में ससमय वेतन, एक समान राष्ट्रीय नीति, परोदा समिति की रिपोर्ट को लागू करना, समान कार्य समान वेतन, भेदभाव से मुक्ति, प्रोन्नति, पेंशन अंशदान, चिकित्सा भत्ता का भुगतान, रिटायरमेंट लाभ सुनिश्चित करना व देशभर के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों में एक समान निष्पक्ष नीति लागू करना प्रमुख मांगों में रखी गयी. बताया गया कि 1974 से भारत सरकार के कार्य के लिए उसी के धनराशि से संचालित अभी फिलहाल देश भर में 731 कृषि विज्ञान केंद्र कार्यरत हैं. जिसमें कुल 88 कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मियों को प्रोन्नति, पेंशन, ग्रेच्युटी इत्यादि सभी सुविधाएं दी जाती हैं. लेकिन शेष कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ सौतेलापन व्यवहार करते हुए उनके कर्मियों को संवैधानिक लाभों से वंचित रखा जा रहा है. 02 साल से नवनियुक्त कर्मियों को अंशदायी पेंशन योजना के तहत नियोक्ता अंशदान भी नहीं दिया जा रहा है. जो भारत के श्रम अधिनियम के विरुद्ध है. बताया गया कि पूरे देश में कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए शत-प्रतिशत राशि भारत सरकार द्वारा दी जाती है. एक समान कार्यादेश के अनुसार सभी केवीके में काम होते हैं. लेकिन 88 केवीके छोड़कर अन्य केवीके के कर्मियों के साथ सौतेलापन व भेदभाव अपनाया जा रहा है. हाल हीं वर्ष 2025 के जनवरी माह में बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर, भागलपुर के द्वारा कुछ वैज्ञानिकों को समय पूर्व सेवानिवृत्ति कर दिया गया. अनेकों वैज्ञानिकों के प्रोन्नतियों को रद्द कर कर दिया गया. परिषद द्वारा 05 अगस्त 2025 को व पुनः 13 नवंबर को इस दिशा में निर्देश जारी करने के बावजूद बिहार कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने गलत निकाले गये आदेशों को वापस नहीं कर रहा है. इन सभी से क्षुब्ध होकर राष्ट्रीय फॉरम के आह्वान पर देशभर में सभी कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार 17 नवंबर को एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल किया जा रहा है. हड़ताल पर बैठे केवीके अररिया के कर्मियों ने कहा कि यदि हमारी मांगे ससमय पूरी नहीं की जाती है तो आने वाले समय में जल्द ही सभी कर्मी विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव करेंगे व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अटारी कार्यालय पटना का भी घेराव कर अपनी विरोध प्रदर्शन दर्ज करेंगे. हड़ताल पर केवीके अररिया के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ विनोद कुमार, डॉ संजीव कुमार, सुमन कुमारी, आफताब आलम, डॉ रामनरेश, राकेश कुमार, अशोक गोस्वामी, गौतम कुमार निराला सहित अन्य शामिल थे.

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