प्रकाश पर्व के रूप में मानायी गयी गुरुनानक देव की जयंती

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 15 Nov 2024 7:53 PM

विज्ञापन

लोगों ने गुरुद्वारा में टेका माथा

विज्ञापन

लोगों ने गुरुद्वारा में टेका माथा, लंगर में ग्रहण किया प्रसाद गुरुद्वारा साहिब में अखंड पाठ, शबद कीर्तन, गुरुवाणी व लंगर का किया गया आयोजन फोटो:39- गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में अखंड पाठ, शब्द कीर्तन, गुरुवाणी के पाठ सुनते श्रद्धालु, मौजूद विधायक व नप मुख्य पार्षद सहित अन्य. प्रतिनिधि, फारबिसगंज कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार को फारबिसगंज शहरी सहित ग्रामी क्षेत्रों में गुरुनानक देव का 555वां प्रकाश पर्व हर्षोल्लासपूर्ण माहौल में श्रद्धापूर्वक मानायी गयी. इस अवसर पर लोगों ने गुरुद्वारा साहिब पहुंच कर अपना माथा टेका. गुरुनानक देव की जयंती प्रकाश पर्व के अवसर पर शहर के वार्ड संख्या 08 राम मनोहर लोहिया पथ पुरानी बस स्टैंड रोड में अवस्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में अखंड पाठ, शबद कीर्तन, गुरुनानक देव के उपदेशों अर्थात गुरु वाणी के पाठ का आयोजन किया गया. इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब में निशान साहिब की सेवा सत संगतों द्वारा की गयी. इस अवसर पर कटिहार से आये सरदार विपेंद्र सिंह, ज्ञानी भगवान सिंह, बलजीत सिंह, आगद सिंह द्वारा व कोलकाता के रानीगंज से आये रागी जत्था भाई गुरुदीप सिंह, भाई चरणजीत सिंह, भाई मंदीप सिंह जी सहित अन्य के द्वारा अखंड पाठ, शब्द कीर्तन, गुरुवाणी के पाठ किया गया व भजन कीर्तन प्रस्तुत किया. इस अवसर गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथि ज्ञानी प्रदीप सिंह बेदी की अगुवाई में विगत 13 नवंबर से श्री गुरु ग्रंथ साहब जी की अखंड पाठ किया गया, जिसका समापन 15 नवंबर शुक्रवार को शब्द कीर्तन अरदास के साथ किया गया. इस मौके पर स्थानीय ग्रंथी ज्ञानी प्रदीप सिंह वेदी ने कहा कि गुरु नानक की जयंती प्रकाश पर्व के रूप में मनायी जाती है, क्योंकि नानक देवजी ने कुरीतियों व बुराइयों को दूर कर लोगों के जीवन में नया प्रकाश भरने का कार्य किया. उन्होंने गुरुनानक देव जी के तीन वसूलों को शब्दों के द्वारा संगतों को निहाल किया. उन्होंने बताया कि तीन मुख्य बातें हैं परमात्मा का नाम जपना, बांट कर खाना, भजन कीर्तन करना. जयंती प्रकाश उत्सव के अवसर पर युवाओं व बच्चों में भी काफी उत्साह दिखा. छोटे-छोटे बच्चे भी गुरुद्वारा साहिब श्री सिंह सभा में पहुंच कर शब्द कीर्तन, अखंड पाठ व गुरु वाणी के पाठ को सुना व अपना माथा टेका व लंगर में प्रसाद ग्रहण किया इस अवसर पर प्रधान प्रीतपाल सिंह, उपाध्यक्ष सरदार तेजेंद्र सिंह उर्फ काके सिंह, कोषाध्यक्ष अमनदीप सिंह, सिफत सिंह, राजवीर सिंह, सेंकी सिंह, संदीप बरार, इंद्रपाल सिंह, सरदार रंजीत सिंह, अदम दीप सिंह, गुरु सीरत सिंह, रंजीत कौर, जसवीर सिंह, जसमीत सिंह, लता बुद्धि राजा, स्थानीय विधायक विद्यासागर उर्फ मंचन केसरी, नप की मुख्य पार्षद वीणा देवी, जदयू प्रदेश सचिव रमेश सिंह, भाजपा नेता मनोज झा, नगर पार्षद रॉकी कुमार उर्फ नंदन ठाकुर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. —————– कार्तिक पूर्णिमा पर सुंदरनाथ धाम में 20 हजार श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक फोटो:40- सुंदरनाथ धाम में में जलाभिषेक करते श्रद्धालु. प्रतिनिधि, कुर्साकांटा कार्तिक पूर्णिमा व देव दीपावली के पावन अवसर पर शुक्रवार को ऐतिहासिक शिव मंदिर सुंदरनाथ धाम में अहले सुबह से हीं श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. शिव भक्तों के हर-हर महादेव, जय बाबा सुंदरनाथ, बोल बम के जयकारे से मंदिर परिसर गूंजता रहा. शिव भक्तों के गगन भेदी जयकारे से वातावरण शिव मय होता प्रतीत होता रहा. सुंदरी मठ न्यास समिति के विजय केशरी, प्रणव गुप्ता, एचके सिंह, रामदेव सरदार, मनोज भगत, रामप्रसाद शर्मा, श्याम राम व भानू सिंह ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा व देव दीपावली एक हीं दिन होने के कारण लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की. इस अवसर पर न्यास समिति की ओर से मंदिर सहित पूरे परिसर की साफ-सफाई करायी गयी थी. यहां आने वाले भक्तों के लिये सुलभ शौचालय की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई. इसके साथ हीं मंदिर परिसर में संक्रमण निरोधी रासायनिक पदार्थों का छिड़काव भी किया गया. महंत सिंहेश्वर गिरी ने बताया कि शुक्रवार को प्रातः पांच बजे भक्तों के लिए शिव पार्वती मंदिर का कपाट खोल दिया गया. जिससे मंदिर आये शिव भक्तों को पूजा अर्चना में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. इस दौरान लगभग डेढ़ दर्जन बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया गया. वहीं मंदिर में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने व विधि व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने को लेकर कुआड़ी थानाध्यक्ष रौशन कुमार सिंह सदलबल मंदिर परिसर में तैनात दिखें. ———— संतमत सत्संग मंदिर में भव्य सत्संग का आयोजन अररिया. शहर के खरैया बस्ती स्थित संतमत सत्संग मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर एक दिवसीय भव्य सत्संग का आयोजन किया गया. सत्संग में सिद्दी पीठ कुप्पाघाट भागलपुर से पहुचे स्वामी परमानंद बाबा व बाबा के साथ पहुंचे समाधियों द्वारा दो पालियों में सत्संग समारोह का समापन किया गया. मौके पर श्याम लाल यादव में अपने संबोधन ने कहा कि सत्संग से विचार की मधुरता व मन को शांति मिलती है. जबकि तीर्थी में स्नान करने से शरीर की शुद्धता होती है. तीर्थी में डूबने से शरीर का अंत होता है व सत्संग में डूबने से जीव अमरता को प्राप्त होती है. स्वामी परमानंद बाबा ने कहा कि सत्संग से ईश्वर की प्राप्ति होती है. इसके साथी शब्द विचार का उदय व पाप करना होता है, सतगुरु के बताये मार्ग पर चलकर हीं ध्यान अभ्यास द्वारा ईश्वर स्वरूप का ज्ञान होता है. इस मौके पर ओमप्रकाश, कृति आनंद ठाकुर, सरोवर जी सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन