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Bihar Bridge Collapse: 12 करोड़ के बाद अब करोड़ों का पुल धंसा, चुनावी मौसम में सरकार और विभाग में हड़कंप

Updated at : 03 Nov 2025 4:24 PM (IST)
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Bihar Bridge Collapse: 12 करोड़ के बाद अब करोड़ों का पुल धंसा, चुनावी मौसम में सरकार और विभाग में हड़कंप

Bihar News: अररिया जिले में पुलों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सिकटी के पड़रिया पुल धंसने के बाद अब फारबिसगंज प्रखंड के कौआचार गांव को जोड़ने वाला पुल भी ध्वस्त हो गया है. 3.80 करोड़ की लागत से बना यह पुल कुछ ही वर्षों में जर्जर होकर आवागमन के लिए बंद कर दिया गया.

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Bihar Bridge Collapse, मृगेंद्र मणि सिंह: अररिया जिले में पुल निर्माण की लापरवाहियों पर एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं. सिकटी विधानसभा क्षेत्र के बकरा नदी पर पड़रिया में बना पुल धंसने की घटना अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब फारबिसगंज प्रखंड को सांसद प्रदीप कुमार सिंह के पैतृक गांव कौआचार से जोड़ने वाला पुल भी खतरे में आ गया है. बताया जा रहा है कि परमान नदी पर बने इस पुल का बीच का पाया अचानक धंस गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है.

ग्रामीणों ने क्या बताया

ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल वर्ष 2019 में करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण में गंभीर अनियमितताएं हुई थीं, जिसकी वजह से कुछ ही वर्षों में इसकी हालत जर्जर हो गई. इस घटना ने विभागीय अधिकारियों और सरकार को बिहार विधानसभा चुनाव के बीच परेशानी में डाल दिया है.

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हर तरफ से उठ रहे सवाल

इससे पहले 18 जून 2024 को सिकटी प्रखंड के पड़रिया में बकरा नदी पर बन रहा 12 करोड़ रुपये का पुल भी धंस गया था. दोनों पुलों का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग, अररिया द्वारा ही कराया गया था, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.

इस मामले पर ग्रामीण कार्य विभाग के इंजिनियर चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि पुल के धंसने की जानकारी पहले ही विभाग को मिल गई थी. इस संबंध में 30 अक्टूबर 2025 को विभाग को पत्र भेजा गया था. आज स्थिति को देखते हुए डीएम और एसपी को भी बताया गया है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

उन्होंने कहा कि संवेदक की पांच वर्ष की गारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी पुल की आयु और निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी. विभागीय आदेश के तहत दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

दोनों पुल के संवेदक भले हीं अलग-अलग, लेकिन विभाग है एक

ग्रामीण कार्य विभाग अररिया अनियमितता का बड़ा नाम बन गया है. यह अब दिखने लगा है कि इस विभाग में काम की निगरानी और गुणवत्ता भगवान भरोसे है. सिकटी के पड़रिया में बकरा नदी पर निर्माणाधीन 12 करोड़ रुपये का पुल हो या कौआचार जाने वाली कविलाशा पुल इन दोनों पुलों के संवेदक भले ही अलग-अलग हों, लेकिन इन दोनों पुलों के निर्माण कराने वाला विभाग अररिया ग्रामीण कार्य विभाग हीं है. इस पुल को बनाने के लिए 4.15 करोड़ रुपया का एस्टीमेट हुआ था और निर्माण में 3.80 करोड़ लगे थे. इस पुल की लम्बाई 129 मीटर थी.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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