महानंदा बेसिन परियोजना शुरू करने के लिए अंतिम समय तक लड़ाई लड़ते रहे तस्लीमउद्दीन
अररिया : जीवन भर सीमांचल के विकास के लिए बेबाकी से आवज उठाने व विकास को जमीन पर उतारने की लड़ाई लड़ने वाले पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने यूं तो जिले ही नहीं पूरे सीमांचल में विकास की अनगिनत योजनाओं को क्रियान्वित करवाने में अहम योगदान दिया, पर महानंदा बेसिन परियोजना पर अमल उनके […]
अररिया : जीवन भर सीमांचल के विकास के लिए बेबाकी से आवज उठाने व विकास को जमीन पर उतारने की लड़ाई लड़ने वाले पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने यूं तो जिले ही नहीं पूरे सीमांचल में विकास की अनगिनत योजनाओं को क्रियान्वित करवाने में अहम योगदान दिया, पर महानंदा बेसिन परियोजना पर अमल उनके जीवन का एक ऐसा सपना था, जो सपना ही रह गया.
न केवल उन्होंने परियोजना की स्वीकृति व राशि आवंटित कराने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, बल्कि अपने जीते जी परियाजना पर अमल के लिए वे आवाज भी बुलंद करते रहे. ये बात दिगर है कि सत्ता व व्यवस्था इस मुद्दे पर हमेश उनकी अनसुनी करता रहा.
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