सैकड़ों परिवारों में आयी खुशहाली

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अररिया आरएस : राज्य में शराबबंदी के अब लगभग डेढ़ वर्ष हो चुके हैं. बिहार सरकार द्वारा आदतन शराबी को नशा से मुक्ति दिलाने के लिए सदर अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र खोला गया है. यह नशा मुक्ति केंद्र आदतन शराबी के लिए वरदान शाबित हो रहा है. इससे सैकड़ों आदतन शराबी को शराब की […]

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अररिया आरएस : राज्य में शराबबंदी के अब लगभग डेढ़ वर्ष हो चुके हैं. बिहार सरकार द्वारा आदतन शराबी को नशा से मुक्ति दिलाने के लिए सदर अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र खोला गया है. यह नशा मुक्ति केंद्र आदतन शराबी के लिए वरदान शाबित हो रहा है. इससे सैकड़ों आदतन शराबी को शराब की लत से छुटकारा मिल चुका है और वे नयी जिंदगी फिर से शुरू कर चुके हैं. इससे सैकड़ों परिवारों में खुशियां लौटी हैं.

नशा मुक्ति केंद्र में आदतन शराबी के लिए रखा जाता है हर ख्याल
नशा मुक्ति केंद्र में कार्यरत एक कर्मी ने बताया कि नशा मुक्ति इलाज के आये आदतन शराबी का हर ख्याल रखा जाता है. इसके लिए नशा मुक्ति केंद्र में आदतन शराबी के लिए मनोरंजन के लिए टीवी, समाचार पत्र, आरओ पानी, पूर्णत: वातानुकूलित वार्ड, साफ व स्वच्छ टॉयलेट, साफ एवं नयी चादर व भरती होने के बाद खाना व नाश्ता नि:शुल्क दिया जाता है, जिससे नशा मुक्ति केंद्र में आये आदतन शराबी को किसी प्रकार का परेशानी नहीं हो. इसके लिए सह समय चिकित्सक द्वारा सह समय आदतन शराबी का इलाज भी किया जाता रहता है.
287 आदतन शराबी को नशा मुक्ति केंद्र से मिली नयी जिंदगी
एक अप्रैल 2015 से बिहार में शराबबंदी के बाद शराब छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र खोला गया था. सदर अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में 287 लोगों को शराब की लत छुड़ाई जा सकी है. यह नशा मुक्ति केंद्र सैकड़ों आदतन शराबी के लिए वरदान साबित हुआ. नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के लिए आये दर्जनों आदतन शराबी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि राज्य में शराब बंद कराने के फैसले को शुरू में गलत ठहराया था. पर आज राज्य सरकार शराब बंदी की महत्ता समझ में आने लगी है. आज शराब के पैसे से घर परिवार के लिए दूध, फल, आदि समान खरीद कर ले जाते हैं तो सारा परिवार मिल कर खाता है. इससे पुरा परिवार भी आज पूरी तरह खुश है.
स्वेच्छा से इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों शराबी
राज्य में शराब बंद होने के बाद सैकड़ों आदतन शराबी स्वेच्छा से इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे. सभी आदतन शराबी का नशा मुक्ति केंद्र में काउंसेलिंग करने के बाद नशा मुक्ति केंद्र में भरती किया जाता है. इसमें ऐसे अधिकांश आदतन शराबी ऐसे है जो अपने स्वेच्छा से इलाज कराने के लिए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे है. नशा मुक्ति के एक कर्मी ने बताया कि स्वेच्छा से नशा मुक्ति केंद्र पहुंचने वाले आदतन शराबी का हरेक ख्याल रखा जाता है. इसके लिए सभी प्रकार का सरकार द्वारा दिये जाने वाली सुविधा व इलाज आदतन शराबी का किया जाता है.
नशा मुक्ति केंद्र से सैकड़ों लोगों को मिला है लाभ
नशा मुक्ति में शुरुआती समय से अब तक स्वेच्छा 287 आदतन शराबी इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे हैं. शुरुआती समय के अनुसार अब धीरे-धीरे नशा मुक्ति केंद्र में आदतन शारबी का आना कम हो गया है. हालांकि नशा मुक्ति केंद्र में आदतन शराबी के इलाज के लिए सभी प्रकार की दवा व जरूरत की चीजें उपलब्ध हैं. इसमें सैकड़ों पुरुष आदतन शराबी के अलावा दो महिला आदतन शराबी भी स्वेच्छा से इलाज कराने के लिए नशा मुक्ति पहुंचे जिनकी आदत छुड़ायी जा चुकी है.
डॉ जयनारायण प्रसाद, प्रभारी नोडल पदाधिकारी
सभी प्रकार की दवा नि:शुल्क दी जाती है
नशा मुक्ति में केंद्र में आये इलाज के लिए हरेक प्रकार के ख्याल रखा जाता है. आदतन शराबी के इलाज के लिए सभी प्रकार के आवश्यक दवाएं नि:शुल्क दी जाती है. आदतन शराबी को नशा मुक्ति केंद्र में ले जाने व रेफर करने के बाद उसे नि:शुल्क एंबुलेंस दिया जाता है. इसके साथ ही उसे समय पर खाना, नाश्ता व दवा दी जाती है.
डॉ एनपी साह, चिकित्सक
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