फारबिसगंज के माणिकपुर-घोड़ाघाट पथ पर पुल का है बुरा हाल

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फारबिसगंज : बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण प्रखंड के मानिकपुर-घोड़ाघाट मुख्य मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब तक मरममत नहीं होने से दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. इसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है. सनद रहे ये कि ये ना केवल दर्जनों गांव […]

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फारबिसगंज : बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण प्रखंड के मानिकपुर-घोड़ाघाट मुख्य मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब तक मरममत नहीं होने से दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. इसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है. सनद रहे ये कि ये ना केवल दर्जनों गांव को बल्कि एनएच 57 मुख्य मार्ग को आपस में जोड़ती है. जानकारी के मुताबिक ये मार्ग प्रखंड के लहसनगंज,नया टोला, खास हलहलिया, गुरमी, आरटीमोहन, खवासपुर सहित अन्य गांवों को जोड़ती है.

यही नहीं यह मार्ग दो प्रखंडों को भी आपस में जोड़ती है. वहीं प्रखंड के दो महत्वपूर्ण बाजारों फारबिसगंज एवं अररिया को भी आपस में जोड़ती है. इतना ही नहीं यह सिमराहा थाना को भी अपने सीमा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में पहुंचने की राह आसान करता है. सीधे तौर पर कहें तो इस पुलिया के ध्वस्त होने के बाद इन गांवों का थाना से सड़क संपर्क भंग हो गया है. जिससे यहां के लोगों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि एन एच 57 मानिकपुर स्कूल चौक से ठिलामोहन, हलहलिया, समौल होते हुए फारबिसगंज की ओर जानेवाली मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क जगह जगह बाढ़ के कारण टुकड़े हो जाने से इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है.

इस संदर्भ में स्थानीय ग्रामीण चंदन कुमार सिंह, जितेन्द्र वर्मा, अनमोल मंडल सहित अन्य ने बताया कि मानिकपुर के निकट बाढ़ में नहर के बगल में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क पर पूल के ध्वस्त हो जाने से आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है. जिससे जनजीवन बहुत ज्यादा प्रभावित है. जहां इस ओर अभी तक किसी का भी ध्यान नहीं पहुंच रहा है.वही बताया की हलहलिया में भी इसी सड़क में कई जगह पूल कलवर्ट ध्वस्त हो गया है.

बड़े पुलों के एप्रोच पर मंडरा रहा है खतरा
प्रभात खबर की टीम ने इस न चल सकने वाले सड़क का मुआयना किया. बाढ़ के बाद की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं. पानी के तेज बहाव ने सड़क को अंदर तक खोखला कर दिया है. बड़े-बड़े पेड़ धाराशायी हो चुके हैं. मिट्टी और ईंट सोलिंग से बनी यह सड़क किसी तरह चलने लायक बनायी गयी थी जिस पर चल पाना मुश्किल है. काशी नरेश द्वारा बनायी गयी यह सड़क अररिया जिले में फारबिसगंज, कुर्साकांटा, सिकटी प्रखंड के सैकड़ों गांवों को तो जोड़ती है. साथ ही पूर्व सासंद, सिकटी के पूर्व व वर्तमान विधायक के घर तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है. इसलिए यह सड़क किसी भी परिस्थिति में चलती रही. लेकिन बाढ़ ने इस सड़क को कुछ इस प्रकार से तोड़ा है कि अब बहुत जल्द बनने के आसार कम नजर आ रहे हैं. यह सड़क अगर नहीं बनी तो लोगों के सामने आवागमन मुख्य समस्या हो जायेगी. बीमारियों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना मुश्किल काम होगा. इस सड़क पर कोठी हाट फारबिसगंज के बाद मुख्य सड़क पर मुहाने पर ही टूट गया है. दूसरे मार्ग से आधा कच्ची और पक्की सड़क धमदाहा होते हुए इस सड़क पर पहुंचा जा सकता है. लेकिन गाढ़ा गांव से असुरी घाट के बीच पूरी तरह से टूट चुके इस सड़क पर चल पाना मुश्किल काम है. सड़क पर स्थित कई पुल टूट चुके ह़ैं, कई बड़े पुलों के एप्रोच पथ क्षतिग्रस्त हो गये हैं. अगर एप्रोच की मरम्मत जल्द ही नहीं हुई तो यह भी टूट सकता है.
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