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सीवान में 'अंकुरण परियोजना' है सफल, जहां फेंके जाते थे कूड़े, वहां लहलहा रही हैं जैविक सब्जियां

Updated at : 26 Aug 2022 5:35 AM (IST)
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सीवान में 'अंकुरण परियोजना' है सफल, जहां फेंके जाते थे कूड़े, वहां लहलहा रही हैं जैविक सब्जियां

अंकुरण परियोजना बच्चों के प्रशिक्षण का भी अच्छा साधन है. इससे सामूहिकता व सहयोग की भावना पनपेगी. साथ ही, आत्मनिर्भरता भावना भी जागृत होगी. इतना ही नहीं, यह मनोरंजन व व्यायाम का भी अच्छा साधन है. वाटिका की सब्जियां बाजार के मुकाबले अच्छे गुणों वाली होगी.

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सीवान. जिले के कुछ प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अंकुरण परियोजना के तहत एमडीएम में मौसम की हरी सब्जी व फलों को उपलब्ध कराने को लेकर पोषण वाटिका (किचेन गार्डेन) का निर्माण किया गया है. ताकि स्कूल के बच्चे अपने हाथों से उगायी गयी हरी सब्जियों को खाकर स्वस्थ रहें. साथ ही, इस अभिनव पहल से बच्चे पोषण व स्वच्छता के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. वाटिका निर्माण का मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चों को दिये जाने वाले एमडीएम में सूक्ष्म पोषक तत्व की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके. इसके लिए चिह्नित विद्यालयों में पोषण वाटिका का निर्माण विद्यालय परिसर में किया गया है. इससे एडीएम के जैविक सब्जियां मिलती रहेंगी.

‘बच्चों के प्रशिक्षण का भी अच्छा साधन है’

बीइओ शिवशंकर झा ने बताया कि यह बच्चों के प्रशिक्षण का भी अच्छा साधन है. इससे सामूहिकता व सहयोग की भावना पनपेगी. साथ ही, आत्मनिर्भरता भावना भी जागृत होगी. इतना ही नहीं, यह मनोरंजन व व्यायाम का भी अच्छा साधन है. वाटिका की सब्जियां बाजार के मुकाबले अच्छे गुणों वाली होगी. मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी अपने हाथों उत्पादित सब्जियां ज्यादा स्वादिष्ट लगेंगी. उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिकता का भी ज्ञान होगा. बड़हरिया प्रखंड के उमवि बड़हरिया, मवि हरदियां, मवि कैलगढ़,उमवि उसरी व प्रावि डुमरी की खाली पड़ी जमीन में पोषण वाटिका बनायी गयी है. यहां विभिन्न मौसमों के विभिन्न फल व सब्जियां उपजायी जा रही हैं.

‘सब्जी उत्पादन में बच्चे काफी रुचि लेते हैं’

मवि हरदियां के प्रधानाध्यापक दीपेश्वर कुमार ने बताया कि उनके स्कूल के किचेन गार्डेन में पालक, बैगन, मिर्चा, टमाटर, धनिया, मूली, कद्दू आदि लगाया गया है. उन्होंने बताया कि सब्जियों के उत्पादन में रासायनिक खाद की जगह कंपोस्ट खाद का प्रयोग किया जाता है. साथ ही, हाइब्रिड बीज का प्रयोग भी नहीं किया गया है. इस प्रकार, सब्जियों की गुणवता व पौष्टिकता का भरपूर ख्याल रखा गया है. उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन में बच्चे काफी रुचि लेते हैं

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