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आनंद मोहन 27 कैदियों के साथ होंगे रिहा, भागलपुर जेल के नौ कैदी भी आएंगे बाहर, जानिए कौन-कौन हो रहा रिहा

Updated at : 25 Apr 2023 3:56 AM (IST)
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आनंद मोहन 27 कैदियों के साथ होंगे रिहा, भागलपुर जेल के नौ कैदी भी आएंगे बाहर, जानिए कौन-कौन हो रहा रिहा

कैबिनेट की बैठक में आनंद मोहन की रिहाई को लेकर फैसला लिया गया था. रिहाई संबंधित आगे की कार्रवाई के लिए विधि विभाग की अधिसूचना जेल आइजी के पास पहुंच चुकी है. जेल आइजी इसे सहरसा जेल को भेजेंगे. इसके बाद पूर्व सांसद आनंद मोहन अंतिम तौर पर जी कृष्णैया हत्याकांड मामले में रिहा हो जायेंगे.

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पटना. पूर्व सांसद व बाहुबली नेता आनंद माेहन को रिहा करने का आदेश जारी हो गया है. सोमवार को विधि विभाग ने इस संबंध में आनंद मोहन व भागलपुर के जेल में बंद नौ बंदी समेत 27 अन्य कैदियों को रिहा किये जाने संबंधी आदेश जारी कर दिया. जिन कैदियों को रिहा किया जायेगा. उनमें आनंद मोहन का नाम 11वें नंबर पर है. 27वें नंबर पर रिहा होने वालो में अवधेश मंडल का नाम है. फिलहाल आनंद मोहन बेटे की शादी को लेकर 15 दिनों के पेरौल पर हैं. सोमवार को ही उनके बेटे विधायक चेतन आनंद की सगाई हुई है.

जेल आइजी के पास पहुंच चुकी है अधिसूचना

पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में आनंद मोहन की रिहाई को लेकर फैसला लिया गया था. आगे की कार्रवाई के लिए विधि विभाग की अधिसूचना जेल आइजी के पास पहुंच चुकी है. जेल आइजी इसे सहरसा जेल को भेजेंगे. इसके बाद पूर्व सांसद आनंद मोहन अंतिम तौर पर जी कृष्णैया हत्याकांड मामले में रिहा हो जायेंगे.

2007 से जेल में बंद हैं आनंद मोहन 

विधि विभाग की अधिसूचना के मुताबिक 75 वर्षीय आनंद मोहन तीन अक्तूबर 2007 से जेल में बंद हैं. सभी रिहा किये जाने वाले सभी कैदियों की सजा की अवधि 14 वर्षों से अधिक हो चुकी है. दरअसल, आनंद मोहन की स्थायी रिहाई के लिये नीतीश कैबिनेट ने 10 अप्रैल को बिहार कारा हस्तक 2012 के नियम 481, 1 ‘क’ में संशोधन करते हुए उस वाक्यांश को हटाने का निर्णय लिया था. इसके तहत सरकारी सेवक की हत्या को अपवाद के तौर पर पहले शामिल किया गया था.

राज्य सरकार ने 24 अप्रैल को बदले थे नियम 

इसके बाद 24 अप्रैल को राज्य दंडादेश परिहार परिपर्षद की बैठक में 14 वर्षों की वास्तविक अवधि जेल में गुजारने वाले आजीवन कारावास प्राप्त बंदियों मुक्त किये जाने की अनुशंसा पर राज्य सरकार द्वारा ऐसे बंदियों को मुक्त करने निर्णय लिया गया. विधि विभाग ने अपने आदेश में कारा अधीक्षक को यह निर्देश दिया है कि मुक्त करने से पहले यह तहकीकात कर ले कि बंदी द्वारा 14 वर्षों की वास्तविक संसीमन और परिहार समेत 20 वर्षों अवधि पूरी कर चुकी हो.

यह होंगे रिहा

आनंद मोहन, दस्तगीर खान, पप्पू सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह, अशोक यादव, शिवजी यादव, कीरथ यादव, राजवल्लभ यादव उर्फ बिजली यादव, कलेक्टर पासवान उर्फ घुर फेकन, किशनुदेव राय, सुरेंद्र शर्मा, देवनंदन नोनिया, रामप्रवेश सिंह, विजय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, रामाधार राम, पतिराम राय, हृदय नारायण शर्मा उर्फ बबुन शर्मा, मनोज प्रसाद, पंचानन पासवान, जितेंद्र सिंह, चंदेश्वरी यादव, खेलावन यादव, अललउद्दीन अंसारी, मो हलीम अंसारी, अख्तर अंसारी, मो खुदबुद्दीन, सिकंदर महतो और अवधेश मंडल.

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भागलपुर में कैंप जेल व सेंट्रल जेल में बंद नौ बंदी भी होंगे रिहा

भागलपुर स्थित जेल में बंद जिन बंदियों को रिहाई मिलेगी उनमें विशेष केंद्रीय कारा (भागलपुर कैंप जेल) के बंदी अल्लउद्दीन अंसारी, हलीम अंसारी, अख्तर अंसारी, मो खुदबुद्दीन, अवधेश मंडल, कीरथ यादव और पप्पू सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह शामिल हैं. पप्पू सिंह मोतिहारी जेल से प्रशासनिक दृष्टिकोण से विशेष केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया गया बंदी है. इनके अलावा शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा (भागलपुर सेंट्रल जेल) में बंद जिन दो बंदियों को रिहाई मिलनेवाली है उनमें पंचा उर्फ पंचानन पासवान व चंदेश्वरी यादव शामिल हैं.

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