बिहार विधानसभा हंगामे की भेंट चढ़ा

Updated at : 02 Jul 2014 5:21 PM (IST)
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बिहार विधानसभा हंगामे की भेंट चढ़ा

पटनाः बिहार विधानसभा का सत्र एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गया. विपक्ष सरकार को बिजली और पानी के मुद्दे पर घेरने की पूरी कोशिश कर रहा है. बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने जब यह भाजपा विधायकों से कहा कि सदन की कार्यवाही स्थगित करने का प्रस्ताव वे नियमानुसार रखें, बिहार विधानसभा […]

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पटनाः बिहार विधानसभा का सत्र एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गया. विपक्ष सरकार को बिजली और पानी के मुद्दे पर घेरने की पूरी कोशिश कर रहा है. बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने जब यह भाजपा विधायकों से कहा कि सदन की कार्यवाही स्थगित करने का प्रस्ताव वे नियमानुसार रखें, बिहार विधानसभा में प्रश्नकाल सुचारु रुप से चल सका. इसी बीच भाजपा विधायकों अरुण कुमार सिन्हा, अरुण शंकर और अच्युतानंद द्वारा लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव को शून्यकाल के दौरान अध्यक्ष द्वारा अस्वीकृत कर दिए जाने पर भाजपा सदस्यों ने सदन के वेषम में आकर सरकार विरोधी नारेबाजी शुरु कर दी.

शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष के शून्यकाल के दौरान लाए गए मुद्दों को तेजी से निपटाने के बाद उनके द्वारा ध्यानकर्षण प्रस्तावों को लिए जाने पर भाजपा सदस्यों ने हंगामा जारी रखा जिसके चलते उन्होंने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी.बिहार विधान परिषद में भी शून्यकाल के शुरु होने पर भाजपा सदस्य मंगल पांडेय ने प्रदेश में कथित गिरती विधि-व्यवस्था पर चर्चा कराने के लिए अपने कार्यस्थगन प्रस्ताव को स्वीकृत किए जाने का सभापति अवधेश नारायण से आग्रह किया.

सभापति द्वारा पांडेय के कार्यस्थगन के प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिए जाने पर भाजपा सदस्यो ने सदन के वेषम में आकर सरकार विरोधी नारेबाजी शुरु कर दी. भाजपा सदस्यों के हंगामें के बीच कुछ विधायी कार्यो को निपटाने के बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही अपराह्न 2.30 बजे भोजनावकाश तक के लिए स्थगित किए जाने की घोषणा की.

बाद में बिहार विधान परिषद स्थित अपने कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में वर्ष 2013 और 2014 के दौरान अपराध के आंकडों में कमी आने के बजाए उसमें बढोतरी हुई है.उन्होंने कहा कि प्रदेश के एनडीए-वन सरकार की तुलना में एनडीए-टू के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में हत्या के आंकडे बढने लगे सरकार में रहते हुए हमलोगों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस ओर कई बार ध्यान आकृष्ट कराया पर वे यह सुनकर नाराज हो जाया करते थे.

सुशील ने पिछले चार महीनों के दौरान बिहार में जघन्य अपराधों हत्या और बलात्कार में वृद्धि होने का दावा किया और पिछले महीने सीवान में रौशन नामक युवक की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि जबसे राजद ने प्रदेश की जदयू सरकार का समर्थन करना शुरु किया है अपराधियों का मनोबल बढ है और उन्हें लगने लगा है कि अब तो हमारी सरकार है, हमारा कौन क्या बिगाड सकेगा.

उन्होंने आरोप लगाया कि रौशन हत्याकांड मामले में नामजद आरोपी राजद के पूर्व बाहुबलि सांसद मो0 शहाबुददीन के पुत्र ओसामा को अबतक गिरफ्तार नहीं किया गया है और सीवान जिला के जिस पुलिस अधीक्षक ने इस घटना के बाद शहाबुद्दीन के घर पर छापेमारी की उसका स्थानांतरण कर दिया गया है.सुशील ने राजधानी पटना सहित प्रदेश के सभी जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति के बदतर हो जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि और प्रदेश में बडे पैमाने पर पुलिस अधिकारियों के तबादले में इसबात का ध्यान नहीं रखा गया है कि कहां किस अच्छे पदाधिकारी को भेजा जाए. उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगडने के कारण पूंजी निवेश होना बंद हो गया है जिससे प्रदेश का विकास बाधित हुआ है.

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