सीतामढ़ी : संतान नहीं होने और दहेज की खातिर सऊदी अरब से कॉल कर दिया था तलाक
Updated at : 18 Nov 2017 5:32 AM (IST)
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सीतामढ़ी : तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी महिलाओं के प्रति पुरुषों की सोच नहीं बदली है. अब भी पति तलाक को अपना अधिकार मानते हैं और मनमानी करते हैं. एक ऐसा ही मामला सामने आया है सीतामढ़ी के नानपुर थाने के धनकौल गांव में. संतान, दहेज व गलत रिश्ते को […]
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सीतामढ़ी : तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी महिलाओं के प्रति पुरुषों की सोच नहीं बदली है. अब भी पति तलाक को अपना अधिकार मानते हैं और मनमानी करते हैं.
एक ऐसा ही मामला सामने आया है सीतामढ़ी के नानपुर थाने के धनकौल गांव में. संतान, दहेज व गलत रिश्ते को स्वीकार नहीं करने पर धनकौल की रफत तरन्नुम को पति आरिफ जया ने सऊदी अरब से इंटरनेट कॉल पर तलाक दे दिया. पति के तलाक कहने पर तरन्नुम को उसके ससुराल वालों ने आभूषण छीन कर घर से निकाल दिया है. तरन्नुम माता-पिता की शरण में आने के बाद नानपुर थाने में शिकायत दर्ज करा कर इंसाफ की गुहार लगायी है. तरन्नुम का आरोप है कि तलाक की खबर फैलने के बाद आरिफ का एक दोस्त फेसबुक व व्हाटसएप पर अश्लील बातें पोस्ट कर उसे बदनाम कर रहा है. पति के रिश्तेदार व शुभचिंतकों ने उसका जीना दुश्वार कर दिया है.
तरन्नुम का कहना है कि उसका निकाह सितंबर, 2010 में गांव के ही आरिफ जया से हुई, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद से उससे दहेज की मांग की जाने लगी. संतान नहीं होने के कारण उसे प्रताड़ित किया जाने लगा.
इधर, पति आरिफ रोजगार के लिए सऊदी अरब चला गया. इस बीच आरिफ के रिश्तेदार एकरामुल हक गलत बात करने लगा. पति से शिकायत करने पर उल्टे उसे ही जलील किया गया. 18 अक्तूबर, 2017 को इंटरनेट काल के माध्यम से आरिफ ने उसे तलाक दे दिया.
उसने पहले गांव में पंचायत के माध्यम से इंसाफ का भी प्रयास किया, लेकिन नतीजा नहीं निकलने पर थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. वहीं, इस मामले की जांच कर रहे मोहम्मद शफीक अहमद ने बताया कि वरीय अधिकारियों का पर्यवेक्षण नहीं हो पाया हैं. पर्यवेक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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