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100 Crore Per Month: ‘100 करोड़ उगाही’ पर महाराष्ट्र सरकार को रविशंकर प्रसाद ने धो कर रख दिया, बोले- छोड़ेंगे नहीं, सड़क पर उतरेंगे

By Prabhat khabar Digital
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कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में
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100 Crore Per Month: केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने पटना (Patna) स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय (BJP Office) में आयोजित प्रेस वार्ता में महाराष्ट्र में चल रहे पूरे प्रकरण को लेकर वहां की सरकार (Maharastra Govt) पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्भव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के नेतृत्व में महाराष्ट्र में लूट का अनोखा मॉडल (Unique Model) चल रहा है.इस प्रकरण के सामने आने के बाद वहां की सरकार को इस्तीफा (Resign) दे देना चाहिए.

कहा कि सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार उद्भव ठाकरे की सरकार खो चुकी है. जहां गृहमंत्री एक सहायक पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे (Sachin Waje) को 100 करोड़ रुपये महीना वसूलने के लिए कहती है. साथ ही मुख्यमंत्री वहां के विधानसभा में अंदर और बाहर सचिव वाजे का खुलकर बचाव करते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में भी चारा घोटाला (Fooder Scam) लूट का मॉडल था, लेकिन महाराष्ट्र का यह नया मॉडल अनोखा है और पहली बार देखने को मिला है.

भाजपा इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए वहां की सड़कों पर उतरेगी. उन्होंने कहा कि मुंबई के पुलिस कमिश्नर ने वहां के राज्यपाल, सीएम, डिप्टी सीएम और गृहमंत्री को पत्र लिखा है. इसमें यह जानकारी दी गयी है कि वहां के गृहमंत्री क्राइम ने ब्रांच के सहायक पुलिस इंस्पेक्टर को प्रत्येक महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने के लिए कहा था.

Parambir Singh 100 crore Letter: BJP के कुछ सवाल 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मामले में भाजपा कुछ अहम सवाल खड़ा करना चाहती है. जो एसआइ सचिन वागे कई वर्षों से निलंबित थे, उन्हें किसके दवाब में कोरोना काल में वापस तैनात किया गया, वह भी क्राइम ब्रांच में. यह दबाव मुख्यमंत्री, शिवसेना या एनसीपी प्रमुख शरद पवार का था. वह सचिन वागे 2008 से शिवसेना का सदस्य है. वहां के पुलिस कमिश्नर ने शरद पवार को किस हैसियत से सचिव वागे के भ्रष्टाचार से जुड़े पूरे मामले की जानकारी दी थी. इस जानकारी के बाद शरद पवार ने क्या कार्रवाई की? इस मामले में मुख्यमंत्री और शरद पवार की खामोशी बहुत सारे गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

उन्होंने कहा कि यह प्रकरण वहां की राजनीति के बेहद गंदे चेहरे को उजागर कर रहा है. इस मामले की जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार सचिन वागे को क्यों बचा रही है. ऐसी क्या मजबूरी है और उनके दिल में कौन-कौन से राज छिपे हैं, जिसकी वजह से मुख्यमंत्री को उसका बचाव करने के लिए आना पड़ रहा है. उसके जरिये कई गलत काम कराये गये होंगे, जिसका पर्दाफाश होना आवश्यक है. यह वसूली सिर्फ गृहमंत्री के लिए होती थी या सत्तारूढ़ दल या पूरी सरकार के लिए होती थी. =

Posted By: Utpal kant

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