दीपक लाठर : भारत के सबसे कम उमर के ''बाहुबली''

Published at :07 Apr 2018 10:38 PM (IST)
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दीपक लाठर : भारत के सबसे कम उमर के ''बाहुबली''

कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में भारत के युवा भारोत्तोलक दीपक लाठेर ने 69 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीत कर देश के लिए पदक जीतने वाले सबसे युवा भारोत्तोलक बन गये हैं. आइये लाठर के जीवन से जुड़ी दिलचस्‍प बातों को जानें. * बचपन से ही ताकतवर थे दीपक हरियाणा के एक किसान के घर जन्‍मे […]

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कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में भारत के युवा भारोत्तोलक दीपक लाठेर ने 69 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीत कर देश के लिए पदक जीतने वाले सबसे युवा भारोत्तोलक बन गये हैं. आइये लाठर के जीवन से जुड़ी दिलचस्‍प बातों को जानें.

* बचपन से ही ताकतवर थे दीपक

हरियाणा के एक किसान के घर जन्‍मे दीपक बचपन से ही काफी ताकतवर थे. उनके पिता बिजेंद्र लाठर का कहना है कि बचपन से ही दीपक वजन उठाते आयें है. 12 से 13 साल की उम्र में ही दीपक 50 किलो की बोरी उठा लेते थे. बजन उठाने के अलावा वो खेती के कामों में भी पिता का हाथ बंटाते थे.

* भारोत्‍तोलन की प्रेरणा

दीपक बचपन से ही काफी भारी चीजे आसानी से उठा लेते थे. लेकिन उनका लगाव भारोत्‍तोलन की ओर नहीं था. वो तो सैन्‍य खेल संस्‍थान में चालक का प्रशिक्षण ले रहे थे. लेकिन लाठेर की ताकत और प्रति‍भा देखकर कोचों ने उन्‍हें भारोत्‍तोलन में हाथ आजमाने की सलाह दी. लाठेर ने बताया‍ कि, कोचों ने उनसे कहा कि हरियाणा के लोगों की शारीरिक बनावट चालक बनने के लिए नहीं होती. वो कुश्‍ती और भारोत्‍तोलन जैसी मुश्‍कि‍ल जीजों के लिए बने होते हैं. दीपक ने ये भी बताया‍ कि उन्‍हें शुरुआत में भारोत्‍तोलन पसंद नहीं था. लेकिन आज वो काफी खुश हैं.

* नहीं मनाएंगे जीत का जश्‍न

दीपक की कामयाबी से पूरा देश उनपर गर्व कर रहा है. हर कोई जश्‍न मना रहा है. लेकिन दीपक का कहना है की वो अभी जीत का जश्‍न नहीं मनाएंगे. उन्‍होंने कहा कि वह 2020 ओलंपिक तक कोई जश्न नहीं मनाएंगे. ओलंपिक में मेडल जीतने के बाद वो जीत का जश्‍न मनाएंगे.

* दीपक के पास नहीं है फोन

अपनी प्रतिभा से कई रिकार्ड बनाने वाले दीपक के पास खुद का फोन भी नहीं है. उन्‍होंने बताया कि बीते तीन महीनों से उन्‍होंने अपने पिता से भी बात नहीं की है. उन्‍होंने ये भी बताया कि वो अपने पास फोन भी नहीं रखते, उनका कहना है कि फोन से ध्‍यान भटकता है. उन्‍होंने प्रेस कॉफ्रेस में फोन मांगकर अपने पिता को फोन किया. पीसी में उन्‍होंने कहा कि ‘क्‍या कोई मुझे फोन दे सकता है, ताकी मै अपने पिता से बात कर सकूं’.

* 2017 में भी कर चुके हैं कमाल

दीपक लाठर 2017 में हुए कॉमनवेल्थ गेम में दो गोल्ड जीते थे. इसके अलावा उन्होंने एक और मेडल भी जीता था. उन्होंने 69 किलो की कैटगरी में गोल्ड जीता था.

* दीपक के नाम हैं कर्इ रिकार्ड

2015 में पूणे में आयोजित नेशनल यूथ कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 62 किलो भार वर्ग में वेटलिफ्टिंग के सबसे अधिक वजन उठाने का दीपक के नाम रिकार्ड है. 2017 में दक्षिण कोरिया में हुए एशिया कप में दीपक ने 69 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था.

2017 में ही आस्ट्रेलिया में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 69 किलोग्राम में जूनियर वर्ग में दीपक ने गोल्ड और सीनियर में कांस्य पदक जीता था.

* बेस्ट चाइल्ड का भी मिला है अवार्ड

दीपक लाठर को 15 साल की आयु में 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की ओर से बेस्ट चाइल्ड का भी मिला था.

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