IND vs AFG T20I Series: 41 की उम्र में भी नहीं थम रहा इस अफगान खिलाड़ी का जलवा, भारत के खिलाफ बल्ले और गेंद से फिर दिखाया दम

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मोहम्मद नबी (फोटो—एक्स)

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मोहम्मद नबी, 41 साल की उम्र में भी, अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बने हुए हैं. भारत के खिलाफ हालिया टी20 मैच में, उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम को संभाला और अपने अनुभव का प्रदर्शन किया.

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Mohammad Nabi: क्रिकेट की दुनिया में किसी खिलाड़ी का दो दशक से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने रहना अपने आप में खास बात है. लेकिन अगर यही सफर उस टीम के साथ हो, जिसने खुद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया हो, तो कहानी और भी दिलचस्प हो जाती है. अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी की कहानी कुछ ऐसी ही है.

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नबी ने जनवरी 2003 में अफगानिस्तान के लिए खेलना शुरू किया था. उस वक्त अफगानिस्तान आज जैसी मजबूत अंतरराष्ट्रीय टीम नहीं थी. वहीं, भारत के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर तब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू भी नहीं कर पाए थे. समय बदला, अफगानिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाई और कई बड़े खिलाड़ियों को दुनिया के सामने पेश किया. लेकिन इस पूरे सफर में एक नाम लगातार टीम के साथ बना रहा-मोहम्मद नबी.

41 साल की उम्र में भी दिखा पुराना अंदाज

रविवार को भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को सात विकेट से हार मिली. टीम के लिए मैच का नतीजा भले ही अच्छा नहीं रहा, लेकिन नबी ने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से एक बार फिर साबित किया कि उम्र उनके खेल के आड़े नहीं आ रही.

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अफगानिस्तान ने 58 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे. ऐसे मुश्किल समय में नबी क्रीज पर आए. शुरुआत में उन्होंने 12 गेंदों पर सिर्फ 5 रन बनाए. इसके बाद नीतीश कुमार रेड्डी के ओवर में उन्होंने चौका जड़ा. नबी ने आजमतुल्लाह उमरजई के साथ मिलकर 83 रन की अहम साझेदारी की और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश की. हालांकि, अर्शदीप ने यॉर्कर डालकर उनकी पारी का अंत कर दिया. नबी 27 गेंदों में 33 रन बनाकर आउट हुए.

गेंद से भी छोड़ी अपनी छाप

नबी सिर्फ बल्ले से ही नहीं, गेंद से भी उपयोगी साबित हुए. भारत की पारी के दौरान उन्होंने तीन में से दो विकेट हासिल किए. दोनों विकेट राशिद खान ने मिड-ऑन पर कैच लेकर पूरे किए. दिलचस्प बात यह रही कि नबी को विकेट लेने के लिए किसी असाधारण गेंद की जरूरत नहीं पड़ी. एक विकेट फुल टॉस और दूसरा लंबी हॉप जैसी गेंद पर आया. लेकिन दिल्ली की अपेक्षाकृत धीमी पिच पर उनकी सटीक लाइन और चतुराई काम आई.

आंकड़ाटेस्टवनडेटी20 इंटरनेशनलआईपीएल
मैच317815224
पारी516713923
गेंदें54680542500417
दिए गए रन25458063056517
मेडन ओवर175350
विकेट817711115
गेंदबाजी औसत31.7532.8027.5334.47
इकॉनमी रेट2.794.337.337.44

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2003 में शुरू हुआ सफर

नबी ने पिछले दो दशकों में अफगानिस्तान क्रिकेट को बदलते हुए देखा है. अपने करियर में वह टीम के कप्तान रहे, लीडर रहे और अफगानिस्तान के उन शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने दुनिया की टी20 लीग में अपनी पहचान बनाई. अब तक वह अफगानिस्तान के लिए 334 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं. उनके नाम 6306 रन और 296 विकेट दर्ज हैं.

आंकड़ाटेस्टवनडेटी20 इंटरनेशनलआईपीएल
मैच317815224
पारी615614119
रन3337802481215
गेंदें6843021822150
सर्वाधिक स्कोर241368931
औसत5.5027.1922.3513.44
स्ट्राइक रेट48.5387.87136.17143.34

लेकिन पिछले कुछ समय में उनका अंतरराष्ट्रीय करियर सवालों के घेरे में भी रहा है. टी20 विश्व कप से अफगानिस्तान के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद उन्होंने करीब सात महीने में केवल दो मुकाबले खेले थे. इस दौरान अफगानिस्तान ने टी20 इंटरनेशनल मैच भी नहीं खेला था. वनडे क्रिकेट में भी नबी के भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं थी.

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पहले वनडे से संन्यास का फैसला, फिर क्यों बदला मन?

नबी ने 2019 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. इसके बाद पिछले साल उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे क्रिकेट से भी संन्यास लेने की इच्छा जताई थी. लेकिन बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया. इसके पीछे सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि एक बेहद निजी वजह थी.

नबी अपने बेटे हसन ईसाखिल के साथ अफगानिस्तान के लिए खेलना चाहते हैं. 20 साल के हसन भी बल्लेबाज हैं और अफगानिस्तान के भविष्य के खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. नबी ने उस समय कहा था कि बेटे के साथ अफगानिस्तान के लिए खेलना उनका सपना है.अब नबी की कोशिश है कि यह सपना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पूरा हो.

वहीं अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड और टीम मैनेजमेंट भी चाहते हैं कि वह कम से कम 2027 वनडे विश्व कप तक टीम के साथ बने रहें. वजह साफ है-अफगानिस्तान को अभी भी एक भरोसेमंद स्पिन ऑलराउंडर की जरूरत है और फिट होने पर नबी इस भूमिका के सबसे मजबूत विकल्पों में से एक हैं.

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