Kranti Gaud ICC Fine: भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ पर ICC ने क्यों लगाया 10% जुर्माना?
भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ (एक्स)
Kranti Gaud ICC Fine: महिला एशिया कप फाइनल में क्रांति गौड़ पर ICC ने क्यों की कार्रवाई? जानें क्या है वजह और नियम.
Kranti Gaud ICC Fine: भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन फाइनल के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ पर ICC की कार्रवाई ने भी सुर्खियां बटोरी हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने गौड़ पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है. इसके अलावा उनके खाते में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ा गया है.
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क्रांति गौड़ पर क्यों हुई कार्रवाई?
यह मामला श्रीलंका की पारी के दौरान सामने आया. क्रांति गौड़ ने श्रीलंका की ओपनर इमेशा दुलानी को आउट करने के बाद जश्न मनाते हुए पवेलियन की तरफ इशारा किया था.
मैच अधिकारियों ने इस इशारे को आईसीसी की आचार संहिता के तहत अनुचित माना. उनके मुताबिक, यह ऐसा इशारा था जो आउट होने वाली बल्लेबाज को अपमानित करने या उसकी ओर से आक्रामक प्रतिक्रिया को उकसाने वाला माना जा सकता है. इसी वजह से गौड़ को आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाया गया.
ICC के किस नियम के तहत लगा जुर्माना?
क्रांति गौड़ पर आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.5 के तहत कार्रवाई की गई. यह प्रावधान ऐसे शब्दों, व्यवहार या इशारों से संबंधित है, जो किसी बल्लेबाज के आउट होने के बाद उसे अपमानित करने या उसकी ओर से आक्रामक प्रतिक्रिया को उकसाने की श्रेणी में आ सकते हैं.
लेवल-1 के उल्लंघन में खिलाड़ी पर आधिकारिक चेतावनी से लेकर मैच फीस के 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. परिस्थितियों के आधार पर खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़े जा सकते हैं. क्रांति गौड़ ने ICC की ओर से लगाए गए आरोप और सजा को स्वीकार कर लिया है. यह पिछले 24 महीनों में उनका पहला डिमेरिट प्वाइंट है.
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भारत ने 72 रन से जीता फाइनल
ICC की कार्रवाई के बावजूद फाइनल में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 183/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया.
भारत की पारी को मजबूत शुरुआत देने में शफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की अहम भूमिका रही. दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए और टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया. 183 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी. पूरी टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 72 रन से अपने नाम कर लिया.
स्पिन गेंदबाजों ने श्रीलंका की पारी को बिखेरा
भारत की जीत में स्पिन गेंदबाजों का बेहद महत्वपूर्ण योगदान रहा. श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए और 20 रन दिए. वहीं दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी.
क्रांति गौड़ ने भी शुरुआती सफलता दिलाते हुए इमेशा दुलानी को पवेलियन भेजा. इसके बाद भारतीय स्पिन आक्रमण ने श्रीलंका पर दबाव बढ़ाया और पूरी टीम को 111 रन पर समेट दिया. इस जीत के साथ भारत ने महिला एशिया कप का रिकॉर्ड आठवां खिताब अपने नाम किया.
ट्रॉफी समारोह भी रहा चर्चा में
फाइनल खत्म होने के बाद पुरस्कार समारोह से जुड़ा एक अलग घटनाक्रम भी चर्चा में रहा. भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया. मोहसिन नकवी दुबई में पुरस्कार वितरण समारोह में मौजूद थे. भारत और पाकिस्तान के बीच जारी राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में इस घटनाक्रम की क्रिकेट जगत में चर्चा हुई.
हालांकि, क्रांति गौड़ पर ICC की कार्रवाई का इस घटनाक्रम से कोई सीधा संबंध नहीं है. गौड़ के खिलाफ कार्रवाई फाइनल में उनके जश्न के दौरान किए गए इशारे और आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के कथित उल्लंघन को लेकर हुई, जबकि ट्रॉफी समारोह का मामला अलग घटनाक्रम है.
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