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महिला वर्ल्ड कप 2017: महिला क्रिकेटरों को नहीं मिला था खाना, नाश्ते में खाया समोसा, विनोद राय का खुलासा

Updated at : 18 Apr 2022 5:30 PM (IST)
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महिला वर्ल्ड कप 2017: महिला क्रिकेटरों को नहीं मिला था खाना, नाश्ते में खाया समोसा, विनोद राय का खुलासा

पूर्व सीएजी विनोद राय ने अपनी किताब 'नॉट जस्ट ए नाइटवॉचमैन, माय इनिंग इन द बीसीसीआई' में कई बड़े खुलासे किये हैं. उन्होंने महिला क्रिकेटरों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 2017 वर्ल्ड कप के समय उन्हें सही ढंग से खाना नहीं दिया जा रहा था. वे समोसा खाकर मैदान पर खेलते उतरती थीं.

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विनोद राय की किताब ‘नॉट जस्ट ए नाइटवॉचमैन: माय इनिंग इन द बीसीसीआई’ में कई बड़े खुलासे हुए हैं. पूर्व सीएजी विनोद राय सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित बीसीसीआई के प्रशासकों की समिति के प्रमुख के पद भी रहे है. 2017 और 2019 के बीच चले 33 महीने के कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट में सबसे विवादास्पद घटना में से एक अनिल कुंबले और विराट कोहली की गाथा देखी गयी. जिसके बारे में उन्होंने अपनी किताब में विस्तार से चर्चा की है.

विनोद राय की किताब में बड़ा खुलासा

विनोद राय की उसी किताब में भारतीय महिला टीम की दुखद स्थिति को उजागर किया गया है. अपनी किताब के बारे में द वीक से बात करते हुए, विनोद राय ने खुलासा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान उनका एकमात्र अफसोस यह था कि उन्होंने महिला क्रिकेट पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि सबसे दुखद बात यह थी कि पहले महिला क्रिकेटरों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जर्सी वास्तव में पुरुषों की जर्सी को दुबारा सिलकर तैयार किये जाते थे.

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जर्सी भी पुरानी मिलती थी

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि महिला क्रिकेट पर उतना ध्यान दिया गया है जिसके वह हकदार हैं. दुर्भाग्य से, महिला क्रिकेटरों को लगभग 2006 तक गंभीरता से नहीं लिया गया था, जब शरद पवार ने पुरुषों और महिलाओं के संघ को विलय करने की पहल की थी. मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि महिला खिलाड़ियों के लिए पुरुषों की जर्सी काट कर फिर से सिल दी जा रही है. मुझे नाइके को फोन करना था और उन्हें बताना था कि यह नहीं चलेगा और उनका डिजाइन अलग होगा.

महिला क्रिकेटरों को नहीं मिलती थी सुविधाएं

उन्होंने कहा कि मैं ईमानदारी से मानता हूं कि लड़कियों को प्रशिक्षण, कोचिंग सुविधाएं, क्रिकेटिंग गियर, यात्रा सुविधाएं और अंत में मैच फीस और रिटेनर बेहतर मिलना चाहिए था. इसमें कमी थी और हमने इसे सुधारने की कोशिश की. उन्होंने आगे उन कठिनाइयों का खुलासा किया जो टीम को 2017 विश्व कप के दौरान सामना करना पड़ा था जब भारतीय टीम फाइनल में पहुंची थी. विनोद राय ने स्वीकार किया कि हरमनप्रीत कौर के 171 रिकॉर्ड तोड़ने के बाद ही महिलाओं के खेल पर ध्यान दिया गया.

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विनोद राय ने जताया खेद

उन्होंने कहा कि मुझे खेद है कि मैंने उस मैच तक महिला क्रिकेट पर ध्यान नहीं दिया था जिसमें हरमनप्रीत कौर ने 2017 महिला विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 171 रन बनाए थे. उसने मुझसे कहा सर मैं ज्यादा दौड़ नहीं पा रही थी, इसलिए ज्यादा छक्के मारने पर मेरा ध्यान था. होटल में उन्होंने बताया कि उन्हें वह खाना नहीं मिल रहा है जो उन्हें चाहिए था, इसलिए उन्होंने उस सुबह नाश्ते के लिए समोसा खाया.

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