पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने किया ऐतिहासिक फैसला, खिलाड़ियों की मैच फीस में 50 प्रतिशत की वृद्धि

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की मैच फीस में बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. इसके अनुसार खिलाड़ियों की टेस्ट मैच फीस में 50 प्रतिशत, एकदिवसीय मैच की फीस में 25 प्रतिशत और टी-20 की मैच फीस में 12.5 प्रतिशत वृद्धि करने का फैसला किया है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक बड़ा फैसला किया है, जिसके तहत अब पुरुष टीम के 25 क्रिकेटरों के साथ एक साल की अवधि के बजाय तीन साल का काॅन्ट्रैक्ट किया जाएगा. यह काॅन्ट्रैक्ट 1 जुलाई, 2023 से 30 जून, 2026 तक मान्य होगा. हालांकि जिन खिलाड़ियों के साथ काॅन्ट्रैक्ट किया जाएगा उनका प्रमोशन और डिमोशन उनके एनुअल रिव्यू से तय किया जाएगा.पीसीबी का यह काॅन्ट्रैक्ट लाल और सफेद दोनों ही गेंद से खेलने वालों पर लागू होगा. पीसीबी के इस फैसले में बाबर आजम, रिजवान और शाहीन अफरीदी की भी अहम भूमिका है.
यह काॅन्ट्रैक्ट चुने गए सभी 25 खिलाड़ियों पर लागू होगा. इसके साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की मैच फीस में बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. इसके अनुसार खिलाड़ियों की टेस्ट मैच फीस में 50 प्रतिशत, एकदिवसीय मैच की फीस में 25 प्रतिशत और टी-20 की मैच फीस में 12.5 प्रतिशत वृद्धि करने का फैसला किया है. इसके साथ ही खिलाड़ियों को पीसीबी के रेवेन्यू में भी हिस्सेदारी मिलेगी जो उन्हें आईसीसी के द्वारा दी जाती है.
इसके अलावा अनुबंधित खिलाड़ियों को प्रत्येक सीजन में दो विदेशी लीगों में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी साथी ही उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच फीस का 50 दिया जाएगा. खिलाड़ियों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है- ग्रुप ए में बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन अफरीदी की तिकड़ी है, जिनकी क्रिकेट बोर्ड के साथ लंबी बातचीत में अहम भूमिका थी.
क्रिकबज में छपी खबर के अनुसार बाबर आजम ने कहा है कि यह अब तक का ऐतिहासिक फैसला है और मैं इस फैसले से बेहद खुश और संतुष्ट हूं. इस फैसले तक पहुंचने के लिए हमने पीसीबी के साथ लंबी बातचीत की जो काफी चुनौतीपूर्ण भी रही. मेरी समझ से यह फैसला बहुत ही महत्वपूर्ण और लाभकारी साबित होगा. वहीं पीसीबी की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जका अशरफ ने कहा कि यह फैसला हमारे खिलाड़ियों के वित्तीय स्थिति को सुधारेगा और जिससे उनके प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
ग्रुप ए: बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी
ग्रुप बी: फखर जमान, हारिस रऊफ, इमाम-उल-हक, मोहम्मद नवाज, नसीम शाह और शादाब खान
ग्रुप सी: इमाद वसीम और अब्दुल्ला शफीक
ग्रुप डी: फहीम अशरफ, हसन अली, इफ्तिखार अहमद, इहसानुल्लाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद वसीम जूनियर, सईम अयूब, सलमान अली आगा, सरफराज अहमद, सऊद शकील, शाहनवाज दहानी, शान मसूद, उसामा मीर और जमान खान
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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