जब सामने धौनी हों, तो सब बातें बेमानी : शास्त्री

By Prabhat Khabar Digital Desk
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।। रवि शास्त्री ।।

इस बार के आइपीएल में कई बातें बड़ी दिलचस्प हैं. महेंद्र सिंह धौनी इस बार टॉस के वक्त मैदान पर नहीं दिखेंगे. एक ऐसा खिलाड़ी, जिसने आइपीएल को अकेले दम पर एक नया मुकाम दिया, जिसने अन्य किसी की भी तुलना में लीग को असाधारण बनाने में अहम योगदान दिया. इस सीजन में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट की ओरसे महज एक खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर नजर आयेगा. या यूं कहा जाये कि 'जनरल' अब अपनी टीम को आदेश देता नहीं दिखेगा.
पुणे के कप्तान स्टीव स्मिथ के लिए धौनी की टीम में मौजूदगी सपना और विशेषाधिकार दोनों है. एक बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में धौनी पूंजी हैं. निर्विवाद रूप से खेल के सबसे बेहतरीन फिनिशर भी. एक ऐसे खिलाड़ी, जो अपने दम पर मैच का रुख मोड़ने की काबिलियत रखते हैं. अब जबकि उनके पास कप्तानी की जिम्मेदारी नहीं है, तो उनका सारा ध्यान अपने प्रदर्शन पर होगा, जो विपक्षी टीमों के लिए अच्छी बात नहीं है. उनके बाद कीमत के हिसाब से देखें, तो सबसे मूल्यवान खिलाड़ी बेन स्टोक्स भी टीम में हैं.
यह इंग्लिश खिलाड़ी इयान बॉथम की झलक देते हैं और उनमें अपनी राह में आनेवाली चुनौती को जड़ से उखाड़ फेंकने की क्षमता है. धौनी और स्टोक्स लक्ष्य का पीछा करते हुए क्रीज पर हों, तो यह नजारा देखने के लिए आप आसानी से अपने बाकी कामों को भूल सकते हैं.
हमें स्टीव स्मिथ को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. स्मिथ किसी भी अन्य खिलाड़ी की तुलना में भारतीय पिचों पर बेहतरीन बल्लेबाजी करते हैं.वह एक ऐसी रन मशीन की तरह हैं, जिसे मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ती. फिर उनके पास अजिंक्य रहाणे भी हैं, जिन्होंने हाल ही में खत्म हुए धर्मशाला टेस्ट में अपनी अहमियत दिखायी. इतना भी काफी नहीं है, तो फिर फाफ डु प्लेसी भी आपसे एक आवाज भर की दूरी पर मौजूद हैं. स्पिनर इमरान ताहिर और एडम जैंपा भी हैं. इतने शानदार खिलाड़ियों की मौजूदगी में आप टीम के तुलनात्मक रूप से कमजोर तेज गेंदबाजी आक्रमण को नजरअंदाज कर सकते हैं. इस विभाग की जिम्मेदारी मुख्य रूप से युवा भारतीयों और न्यूजीलैंड के फरग्यूसन के कंधों पर है.
मुंबई इंडियंस की टीम को पुणे की यात्रा करनी है. मुंबई के कप्तान हाल ही में चोट से उबरने के बाद वापसी कर रहे हैं. खिलाड़ी दर खिलाड़ी मुंबई की टीम अन्य कई आइपीएल टीमों की तुलना में काफी बेहतर है, लेकिन यह सब बातें तब बेमानी हो जाती हैं, जब उसी मैदान पर आपके सामने महेंद्र सिंह धौनी खड़े हों.
(टीसीएम)
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