Pakistan vs South Africa :पाकिस्तान की टीम 50 ओवर से पहले पस्त,दक्षिण अफ्रीका को दिया जीत के लिए 271 का लक्ष्य
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 27 Oct 2023 6:03 PM
दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी बार 1999 में पाकिस्तान को हराया था, तब से अबतक छह मुकाबले में उन्हें हार मिली है. लेकिन इस विश्वकप में पाकिस्तान जिस तरह का प्रदर्शन कर रहा है उसे देखते हुए यह आंकड़े कितने सच होंगे अभी बता पाना मुश्किल है.
Pakistan vs South Africa : पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 271 रन का टारगेट दिया है. पाकिस्तान की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी और उसके दो खिलाड़ी जल्दी आउट हो गए थे. उसके बाद बाबर आजम ने अर्धशतक बनाया और टीम को थोड़ा संभाला. बाबर आजम के अलावा सऊद शकील ने अर्धशतक बनाया और टीम के खाते में 52 रन जोड़े. शादाब खान ने 43 रन बनाये. लेकिन पूरी पाकिस्तानी टीम 46.4 ओवर में 270 रन बनाकर आउट हो गई. दक्षिण अफ्रीका के लिए पाकिस्तान द्वारा दिया गया टारगेट बहुत बड़ा नहीं है, क्योंकि उनकी टीम अभी बेहतरीन फाॅर्म में चल रही है.
लगातार तीन हार से परेशान पाकिस्तान की टीम आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में मैच खेल रही है. पाकिस्तान ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. यह मैच पाकिस्तान के लिए बहुत ही खास है क्योंकि अगर वे आज का मुकाबला हार जाते हैं तो एक तरह से उनके लिए सेमीफाइनल के रास्ते बंद हो जाएंगे और यह भी संभव है कि बाबर आजम की कप्तानी उनसे छिन जाए, जिसके स्पष्ट संकेत पीसीबी ने दे दिये हैं.
बाबर आजम ने टाॅस जीतने के बाद कहा कि हम पहले बल्लेबाजी करेंगे. हमारे लिए अब हर मैच महत्वपूर्ण है और हम उस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. हमें सभी विभागों में सुधार करने की जरूरत है, विशेषकर फील्डिंग में हमें काफी मेहनत करनी होगी. तेम्बा बावुमा ने कहा कि हमने कुछ अच्छा क्रिकेट खेला है जिससे हमें प्रेरणा मिली है. हमने अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों की मदद से कुछ गति पकड़ी है. हमें लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहने की जरूरत है.
गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी बार 1999 में पाकिस्तान को हराया था, तब से अबतक छह मुकाबले में उन्हें हार मिली है. लेकिन इस विश्वकप में पाकिस्तान जिस तरह का प्रदर्शन कर रहा है उसे देखते हुए यह आंकड़े कितने सच होंगे अभी बता पाना मुश्किल है.
दक्षिण अफ्रीका (प्लेइंग इलेवन): क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), रासी वान डेर डुसेन, एडेन मार्कराम, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, मार्को जानसन, गेराल्ड कोएत्ज़ी, केशव महाराज, तबरेज़ शम्सी, लुंगी एनगिडी
पाकिस्तान (प्लेइंग इलेवन): अब्दुल्ला शफीक, इमाम-उल-हक, बाबर आजम (कप्तान), मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), सऊद शकील, शादाब खान, इफ्तिखार अहमद, मोहम्मद नवाज, शाहीन अफरीदी, मोहम्मद वसीम जूनियर, हारिस रऊफ
Also Read: बिरयानी के शौकीन हैं ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी, लेकिन क्यों खा रहे हैं तंदूरी चिकन किया खुलासा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










