मौसम की मार: भीषण गर्मी में धान का बिचड़ा डालने और उसे जिंदा रखने में किसानों की हिम्मत दे रही जवाब...
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Jun 2023 2:56 AM
मानसूनी बादलों का कहीं कोई अता पता नहीं दिख रहा है. ऊपर से निकल रही सूर्य से धधकती आग और तेज चिलचिलाती गर्मी एवं पछिया हवा के झोंकों ने खेतों के मिट्टी की नमी निचोड़ कर लाल करना शुरू कर दिया है. ऐसे में धान का बिचड़ा डालने और उसे जिंदा रखने में किसानों का हिम्मत जवाब दे रहा है.
शिवहर: बागमती नदी के गोद में बसा शिवहर जिले में किसानों को खेती आरंभ करने का आषाढ़ महीना शुरू हुए एक सप्ताह बीत गए. लेकिन जिले में मानसूनी बादलों का कहीं कोई अता पता नहीं दिख रहा है. ऊपर से निकल रही सूर्य से धधकती आग और तेज चिलचिलाती गर्मी एवं पछिया हवा के झोंकों ने खेतों के मिट्टी की नमी निचोड़ कर लाल करना शुरू कर दिया है. ऐसे में धान का बिचड़ा डालने और उसे जिंदा रखने के लिए पटवन की व्यवस्था करने को लेकर किसानों का हिम्मत जवाब दे रहा है. किसानों का कहना है कि बिचड़ा बचायें या खुद की जान.
वहीं दूसरी ओर जिला कृषि पदाधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि आकस्मिक योजना अंतर्गत 6 से 8 सप्ताह तक मानसून के विलंब की स्थिति में जिले को अरहर 500 क्विंटल, मक्का 600 क्विंटल, तोरी 200 क्विंटल, मटर आगत 400 क्विंटल का प्रस्ताव कृषि निदेशालय को भेजा गया है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूरे शिवहर जिले में 24 हजार 900 हेक्टेयर में धान का बिचड़ा गिराने का लक्ष्य दिया गया है,जिसमें 10 प्रतिशत बिचड़ा गिराने का लक्ष्य है. फिलहाल अभी तक करीब 770 हेक्टेयर में लगभग 30 प्रतिशत बिचड़ा गिराया गया है. जिसमें अरहर 420 हेक्टेयर, मक्का 790 हेक्टेयर, उरीद 7 हेक्टेयर, मूंग 35 हेक्टेयर, मरुआ 115 हेक्टेयर, तिल 17 हेक्टेयर में बिचड़ा गिराया गया है.
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कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले की सभी दुकानों में खाद उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. तथा 10 वर्ष से कम आयु प्रभेद धान बीज वितरण 20 रुपये प्रति किलो ग्राम एवं 10 वर्ष से अधिक आयु में 15 रुपये प्रति किलो ग्राम व शंकर धान या हाई ब्रिड 100 रुपये प्रति किलो ग्राम वितरण की जा रही है. तथा प्रतेक्षण अंतर्गत 100 प्रतिशत अनुदान के तहत 3600 रुपये प्रति एकड़ में फ्री (दवा, बीज, मिट्टी जांच, वैज्ञानिक तकनीकी व अन्य) सुविधाएं उपलब्ध हैं. साथ ही शुक्ष्म पोषक तत्व में पौधा संरक्षण, रसायन, खर पतवार नासी एवं खरीफ में उपयोग हेतु दवाएं 500 रुपये प्रति हेक्टेयर से 750 रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान किसानों को दें है. वहीं मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना अंतर्गत खरीफ मौसम हेतु धान पर सहायता अनुदान मूल्य का 90 प्रतिशत या 40 रुपये प्रति किलो ग्राम जो न्यूनतम राशि दोनों में कम होगा.
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