खुशखबरी बनकर आई थी चौकी, अब बन गई 'शोभा की वस्तु', सासाराम के तुतला भवानी धाम की बदहाली पर बड़ा खुलासा

बंद पड़ी पुलिस चौकी की प्रतीकात्मक तस्वीर
आए दिन मां तुतला भवानी धाम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है और यहां हमेशा श्रद्धालुओं के बीच मारपीट और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. लेकिन पुलिस चौकी बंद रहने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है.
Sasaram News: (तिलौथू से राकेश कुमार) स्थानीय कैमूर पहाड़ी की कोख में बसी मां तुतला भवानी धाम में चार वर्ष पूर्व बनी पुलिस चौकी केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई है. आए दिन मां तुतला भवानी धाम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है और यहां हमेशा श्रद्धालुओं के बीच मारपीट और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. कई बार तो मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी है. लेकिन चार वर्ष पूर्व बनी यह पुलिस चौकी वर्षों से बंद पड़ा है.
4 वर्ष पहले खुली चौकी 4 महीने में ही हुई बंद
इसका ताला भी नहीं खुला है. कुछ दिनों के लिए दो पुलिसकर्मियों को यहां तैनात किया गया था लेकिन दो-चार महीने के बाद विभाग ने उन्हें हटा लिया. धाम में आए श्रद्धालु अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं. वहीं कमेटी के लोग भी पुलिस चौकी के नहीं खुलने से काफी भयभीत रहते हैं. इतना ही नहीं मां तुतला भवानी धाम में तैनात वनकर्मियों ने भी बताया कि महज 4 से 6 महीने के लिए यह पुलिस चौकी खुली थी.
वर्षों से पुलिस चौकी पर लटका है ताला
पुलिस चौकी का उद्घाटन पूर्व एसपी आशीष भारती ने किया था लेकिन कुछ ही दिनों के बाद यह पुलिस चौकी बंद कर दी गई और आज तक फिर कोई भी पुलिसकर्मी को यहां तैनात नहीं किया गया है .वर्षों से इस पुलिस चौकी में ताला लटका है और यहां असंख्य भीड़ जूटने के कारण श्रद्धालुओं में रोज मारपीट की घटनाएं आम बात हो गई है वहीं पुलिस की गश्ती गाड़ी भी ज्यादा मारपीट होने की सूचना पर ही पहुंचती है.
मंदिर में घटती है मारपीट की गई घटनाएं
ऐसे में वनकर्मी और कमेटी के लोग भी अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं और धाम में आए श्रद्धालुओं की चिंता कमेटी को ज्यादातर रहती है. कभी-कभी तो पुलिस की गैर मौजूदगी में अगर कोई मारपीट की घटनाएं होती है तो धाम में तैनात वनरक्षियों को मोर्चा संभालना पड़ता है. ऐसे में यहां पुलिस चौकी खुलना अति आवश्यक प्रतीत होता है. नहीं तो मां तुतला भवानी धाम में किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है. थानाध्यक्ष शुभम कुमार ने बताया कि इसके बारे में विशेष जानकारी तो नहीं है लेकिन इसे फिर चालू करने का प्रस्ताव जरूर भेजा जाएगा.
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By Sakshi kumari
साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में अपनी करियर की शुरुआत बिहार के चर्चित चैनलों में से एक News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.
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