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राशन-पानी रोकने का झारखंड की एक पंचायत ने सुनाया था फरमान, अफसर पहुंचे गांव, तब ऐसे सुलझा मामला

Updated at : 17 Jul 2023 8:08 PM (IST)
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महिला सालेजा खातून द्वारा उपायुक्त को दिए गए आवेदन के बारे में चर्चा करते हुए लोगों से पूछताछ शुरू की गई. लोगों ने बताया कि पंचायत के लोगों द्वारा पंचायत से नाम काटने और शादी-विवाह के दौरान सहयोग ना मिलने का फरमान जारी किया गया था. राशन-पानी बंद करने की बात से लोग मुकर गये.

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साहेबगंज, सुनील ठाकुर: जिरवाबाड़ी ओपी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छोटा पंगड़ो में राशन-पानी बंद करने के फरमान पर रविवार दोपहर उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर सदर एसडीपीओ राहुल जी आनंद जी, बोरिओ बीडीओ टूटू दिलीप, ओपी प्रभारी चिरंजीत प्रसाद दल बल के साथ गांव पहुंचे और पंचायत के अन्य सदस्यों के साथ बैठक की. प्रभात खबर ने राशन-पानी बंद करने के मामले को गंभीरता से प्रकाशित किया था. खबर छापने के बाद डीसी ने एसडीओ व बीडीओ को मामले की छानबीन करने का निर्देश जारी किया था. उन्हीं के निर्देश पर बैठक की गई. इस बैठक के दौरान पंचायत के सभी सदस्य व गांव के कई लोग मौजूद रहे. इस दौरान समझौतानामा पर लोगों ने हस्ताक्षर किए. इस तरह मामला सुलझा लिया गया.

राशन-पानी बंद करने से किया इनकार

सर्वप्रथम बैठक में एसडीपीओ के निर्देश पर महिला सालेजा खातून द्वारा उपायुक्त को दिए गए आवेदन के बारे में चर्चा करते हुए पूछताछ शुरू की गई. जहां लोगों ने बताया कि पंचायत के लोगों द्वारा पंचायत से नाम काटने और शादी-विवाह के दौरान किसी मामले में पंचायत का सहयोग ना मिलने का फरमान जरूर जारी किया गया था, लेकिन किसी के राशन-पानी बंद करने या फिर उन्हें कोई अन्य सुविधा पर रोक लगाने की कोई बात पंचायत के किसी भी सदस्य द्वारा नहीं की गई है.

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पीड़ित ने कहा-रोका गया था राशन-पानी

मुखिया ने बताया कि पंचायत का दाऊद अंसारी किसी के बहकावे में आकर अनाप-शनाप बयानबाजी करते हुए चौक-चौराहे पर कुछ बातें कही थीं. जिसका उन्होंने खेद भी प्रकट किया था. इस मामले में पंचायत के सदस्यों द्वारा उन्हें पद से हटा दिया गया है. इधर, बैठक में मौजूद आवेदनकर्ता सलेजा खातून के पुत्र अजादुल अंसारी से भी एसडीओ ने पूछा तो उसने बताया कि पहले राशन-पानी बंद किया गया था, लेकिन उपायुक्त से मिलने के बाद शनिवार से राशन अब सभी दुकानदार उन्हें दे रहे हैं.

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बारी-बारी से दोनों पक्षों के तरफ से बयान को किया गया कलमबद्ध

बैठक के दौरान सबसे पहले आवेदनकर्ता सलेजा खातून का बयान लिया गया. जहां उन्होंने साफ तौर पर राशन-पानी बंद करने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकारा है कि अब उन्हें राशन-पानी मिलने लगा है. उन्होंने कहा कि मुद्दा जमीन से जुड़ा पुराना मामला है, जिसके लिए पंचायत बैठाई गई थी. इसके बाद पीड़िता के पुत्र अजादुल अंसारी का भी बयान लिया गया. फिर बारी-बारी से पंचायत के मुखिया, सरगना व पियादा का भी बयान नोट किया गया.

तालिबानी फरमान पर मुकरे मुखिया

बैठक में मौजूद पंचायत के मुखिया अलाउद्दीन अंसारी ने बताया कि पंचायत द्वारा कोई तालिबानी फरमान जारी नहीं किया गया था. उन्हें पंचायत में बुलाया गया लेकिन वह पंचायत में नहीं आए. इसके बाद पंचायत ने सदस्यों से रजिस्टर से नाम काटने पर सहमति बनायी थी. इस मौके पर मौजूद प्यादा दाऊद अंसारी ने बताया कि मुझे पंचायत के किसी सदस्य द्वारा राशन-पानी बंद करने को नहीं कहा गया था. किसी के बहकावे में आकर मैंने कुछ अलग बोल दिया था, जिसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं.

दोनों पक्षों को बैठा कर बनाया गया समझौतानामा

पंचायत के दौरान मुख्य बात यह सामने आई कि दोनों पक्षों में किसी जमीन को लेकर पुराना विवाद है. छोटे-मोटे विवाद पहले भी हुआ करते थे. एसडीओ ने पंचायत के सदस्यों को बतौर गवाह बनाते हुए दोनों पक्षों के लोगों को आमने-सामने बिठाकर एक समझौतानामा पर हस्ताक्षर कराया है. समझौतानामा में जिक्र किया गया है कि जब तक कोर्ट के द्वारा फैसला होकर नहीं आ जाता, तब तक आपस में दोनों सदस्य कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं करेंगे. दोनों पक्षों ने समझौतानामा को स्वीकार किया है.

जल्द सुलझाया जाएगा इनका जमीन विवाद

झगड़े की शुरुआत जमीन पर निर्माण कार्य करने को लेकर शुरू हुई थी. जहां पर दूसरे पक्ष के सदस्यों द्वारा काम रोक दिया गया था, जबकि प्रथम पक्ष आवेदनकर्ता अपना निर्माण कार्य करना चाहते थे. इसी बात में विवाद होने के बाद पंचायत होने की नौबत आई थी. इस मामले में एसडीओ ने कहा कि इनके जमीनी विवाद को जल्द से जल्द सुलझा दिया जाएगा, ताकि भविष्य में इन लोगों के बीच कोई झगड़ा या फिर परेशानी ना हो.

क्या कहते हैं ओपी प्रभारी

इधर, इस मामले को लेकर ओपी प्रभारी चिरंजित प्रसाद ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर ओपी पुलिस जांच-पड़ताल करने पहुंची है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को लोगों को समझा दिया गया है. इसके साथ ही शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए 107 की कार्रवाई की जाएगी.

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